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800 किमी दूर से ‘सखी’ से मिलने आईं 35 छात्राएं

BY — March 18, 2015

180301उदयपुर। उत्तर भारत के पहले महिला विष्वविद्यालय, बीपीएस महिला विश्व विद्यालय, सोनीपत (हरियाणा) की मैनेजमेंट एवं कॉमर्स श्रेणी की अंतिम वर्ष की 35 छात्राएं एवं 3 फैकल्टी हिन्दुस्तान जिंक द्वारा चलाये जा रहे महिला सशक्तिकरण अभियान ‘सखी’ को देखने 800 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तय कर उदयपुर पहुंचीं। इनमें राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश की छात्राएं शामिल हैं।

हिन्दुस्तान जिंक के ‘सखी’ अभियान, जिसके अन्तर्गत हिन्दुस्तान जिंक ग्रामीण व आदिवासी महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। इससे 6000 से अधिक ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई है। इन छात्राओं ने इन महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में पढ़ा व जानकारी ली तथा इन ‘सखी’ महिलाओं से मिलने का निर्णय किया।
180302हिन्दुस्तान ज़िक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि बीपीएस महिला विश्व विद्यालय, सोनीपत से हमारे पास निरन्तर ‘सखी’ स्वयं सहायता समूहों को देखने की तथा इन ग्रामीण उद्यमी महिलाओं से मिलने का आग्रह आया था। मटून में ‘सखी’ के अन्तर्गत चलाये जा रहे कार्यक्रम इन छात्राओं को दिखाए गए। मटून में ‘सखी’ महिलाएं अखबार के कागजों से बेहतरीन टोकरियों व अन्य साज-सज्जा का सामान बना रही हैं जो कि अपने आप में अनोखी कला है। कम लागत से बनने वाला यह सामान लोगों को बहुत प्रभावित कर रहा है।
180303साथ ही इसी ‘सखी’ स्वयं सहायता समूह में अनेकों महिलाएं सिलाई कढ़ाई से जुड़कर वस्त्र बनाने का कार्य भी कर रही है। मटून की और भी महिलाएं ‘सखी’ सहायता समूह से जुड़ने को तत्पर है तथा हिन्दुस्तान जिंक ने उनके समूहों को बनाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। बीपीएस महिला विश्वनविद्यालय, सोनीपत की 35 छात्राओं का नेतृत्व कर रही प्राध्यापिका ईशानी चोपड़ा ने कहा कि सभी छात्राएं ‘सखी’ ग्रामीण उद्यमी महिलाओं से मिलकर बहुत उत्साहित है तथा इनके निपुण कार्य को देखकर अचम्भित भी है। हिन्दुस्तान जिंक अपने ‘सखी’ अभियान द्वारा ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए व्या‘वसायिक प्रशिक्षण से इन ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी के रूप में परिवर्तित कर रहा है, यह सराहनीय है तथा ग्रामीण परिवारों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बेहद सफल साबित होगा। अब तक कंपनी 475 ‘सखी’ स्वयं सहायता समूह बना चुकी हैं तथा इससे 6000 से अधिक ग्रामीण महिलाएं जुड़ चुकी है। ‘सखी’ के बनाये उत्पादों को खरीदने के लिए कई संगठन व विक्रेता संम्पर्क कर रहे हैं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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