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साम्यवाद विकास की उच्चतम अवस्था : चंडालिया

BY — May 6, 2015

कार्ल मार्क्स जयन्ती पर गोष्ठी

060501उदयपुर। साम्यवादी व्यवस्था मानवीय गुणों के सर्वोच्च विकास की उच्चतम अवस्था है, जिसमें धरती पर ही स्वर्ग को वास्तविकता में लाया जा सकता है। ये विचार डॉ. हेमेन्द्र चण्डालिया ने कार्ल मार्क्स  की 197वीं जयन्ती पर शिराली भवन में आयाजित विचार गोष्ठी में व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि आज के पूंजीवाद विकास का मॉडल वस्तुओं का विस्तार कर बाजार के विकास का मॉडल है, जिसमें मनुष्य भी वस्तु में बदल जाता है। इस तरह पूंजीवादी विकास में वस्तु को मनुष्य से श्रेष्ठ बताया गया है, जबकि कार्ल माक्र्स के विकास की अवधारणा में समाज के विकास के साथ सामूहिकता पर जोर देकर मनुष्य जीवन को श्रेष्ठ माना गया है। वरिष्ठ माकपा नेता बीएल सिंघवी, जिला सचिव मोहनलाल खोखावत, शहर सचिव पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी आदि ने भी विचार व्यघक्तव किए। संचालन करते हुए सी.के.वर्मा ने कार्ल मार्क्स् का जीवन परिचय दिया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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