शिक्षक समाज का अमूल्य रत्न है : सारंगदेवोत

BY — September 8, 2015

राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह

080909उदयपुर। प्रतिबद्ध संस्थान की ओर से मंगलवार को विश्व साक्षरता दिवस पर राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राजस्थान विद्यापीठ के प्रबंध अध्ययन संस्थान के सभागार में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले 51 शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया।

शिक्षक सम्मान समारोह समिति के चेयरमेन भगवत सिंह सांखला ने बताया कि मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली के चेयरमेन बलदेव भाई शर्मा थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने की। विशिष्टभ अतिथि वरिष्ठ पत्रकार उग्रसेन राव एवं आयुर्वेद विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शोभालाल औदिच्य थे। अतिथियों ने जयपुर, राजसमंद, अजमेर, सिरोही, बांसवाड़ा, चितौड़गढ़, अलवर एवं उदयपुर शहर से आये शिक्षाविदों को शॉल, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत ने कहा कि शिक्षक समाज की अमूल्य धरोहर है। शिक्षक कभी भी सेवा से निवृत्तन नहीं होता है। बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि शिक्षक शिक्षार्थी का आभूषण है। संचालन गिरिश भारती ने किया। धन्यवाद भगवतसिंह सांखला ने दिया। इस अवसर पर कवि अजात शत्रु ने देश में शिक्षकों की भूमिका पर रचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर डॉ. हेमशंकर दाधीच, डॉ. दिलीपसिंह, डॉ. धर्मेन्द्र राजोरा, डॉ. घनश्यामसिंह भीण्डर, कृष्णकांत नाहर सहित अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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