समय की महत्ता पहचानकर प्रबंधन करें : कोठारी

BY — May 11, 2016

छह दिवसीय आवासीय शिविर का आगाज

110502उदयपुर। महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने कहा कि जो समय जा रहा है, वह कभी वापस आने वाला नहीं है। यह अभी बच्चों के समझ में नहीं आएगा लेकिन जिसने इसको समझ लिया और समय प्रबंधन करना सीख लिया, वह जिंदगी में निश्चय ही अपना मुकाम हासिल कर लेगा।

वे बुधवार को गायरियावास स्थित महावीर एकेडमी में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जिला स्तरीय मेरिट सूची में आने वाले संभाग भर के डेढ़ सौ से अधिक छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए आयोजित छह दिवसीय अभिव्यक्ति उन्नयन आवासीय शिविर को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
110504उन्होंने कहा कि समय का अधिकतम उपयोग करें। प्राथमिकता तय करें कि पहले कौनसा काम आवश्यक है। अभी से लक्ष्य तय कर लें। बहुत बड़े घर में पैदा होने वाला ही बड़ा आदमी बनेगा, इस भ्रांति से बाहर आएं। मेहनत करें, लाभ अवश्य मिलेगा लेकिन मेहनत में ईमानदारी रखें। पैसे से खरीदा हुआ सुख अल्पकाल के लिए हो सकता है लेकिन स्थायी नहीं। कम बजट के कारण कोई स्कूल ऐसे शिविरों का आयोजन नहीं करता लेकिन महावीर एकेडमी द्वारा तीसरी बार इस शिविर का आयोजन करना यह बताता है कि स्कूल प्रबंधन में पैसा कमाने की नहीं बल्कि सेवा की भावना है। देश के बच्चों के प्रति कुछ कर गुजरने की लालसा है। बहुत चयनित होकर आप सभी प्रतिभावान बच्चे यहां आए हैं। अपने अपने क्षेत्र में लीडर बनें।
अध्यक्षता करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (मा.द्वि.) शिवजी गौड़ ने कहा कि निचले तबके को आपकी योजना से कितना लाभ पहुंचता है, उसे यह देखना पड़ेगा। छह दिन के इस शिविर में कई गतिविधियां होंगी। कई तरह के विभिन्न विशेषज्ञों को आपके समक्ष लाया जाएगा। विद्यालय का यह तीसरा शिविर है। तीसरे शिविर का यह अनुभव आप सभी बच्चों के काम आएगा।
विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त शिक्षा उपनिदेशक नरेश डांगी ने कहा कि किसी से अपेक्षा न करें। खुद की ताकत का अहसास करें और उसका उपयोग करें। शिविर में भाग लेने से आपका आत्म विश्वास बढ़ेगा। लोगों से आप अपनी बात मजबूती से मनवा पाएंगे। आपका जीवन समाज और परिवार के लिए है, इसका अनुभव करें। जिसको जितने अधिक लोग पसंद करें, उसी का जीवन सफल है।
110503शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी शांतिलाल चौबीसा ने कहा कि सभी संभागों में इस तरह का शिविर चल रहा है। पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व का निर्माण भी हो, सरकार इसीलिए ऐसे शिविरों का आयोजन करती है। इसमें आपको बहुमूल्य जानकारी दी जाएगी। पूर्व में हुए दो शिविरों की उपयोगिता सिद्ध होने के बाद ही बोर्ड ने वापस स्कूल प्रबंधन को तीसरे शिविर की जिम्मेदारी दी है।
क्षेत्रीय पार्षद राकेश पोरवाल ने कहा कि संभाग की सभी प्रतिभाएं यहां मौजूद है। क्षेत्रीय पार्षद होने के नाते मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। अच्छे मार्क्स लाने के बाद आपको व्यक्तित्व निखारने का मौका मिला है। अपना डवलपमेंट करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है।
शिविर संयोजक राजकुमार फत्तावत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि यहां आई सभी प्रतिभाओं को यह समझ लेना चाहिए कि जीवन में एकेडमिक फील्ड 50 प्रतिशत ही काम आएगा। शेष 50 प्रतिशत आपके प्रजेन्टेशन, समय प्रबंधन, क्रिएटिविटी, गेम्स काम आएगा। इस छह दिन के शिविर में यहां यही सब सिखाया जाएगा। पूर्व के शिविरों में प्रतिभागी बने छात्र-छात्राओं में आज 18 विद्यार्थी अच्छे पैकेज पर एमएनसी में काम कर रहे हैं। आज यहां मौजूद इन प्रतिभाओं में देश के कर्णधार शामिल हैं। यही आने वाले देश का भविष्य हैं। उन्होंने शिविर की जानकारी दी।
अतिथियों का स्वागत विद्यालय के अध्यापक-अध्यापिकाओं ने उपरणा ओढ़ा, स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। आभार विद्यालय की जूही मैडम ने व्यक्त किया। आरंभ में विद्यालय की बालिकाओं ने ईश वंदना प्रस्तुत की।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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