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भय समाप्त कर अभय भाव विकसित करने के प्रयोग

BY — May 26, 2016

योग से आरोग्य की ओर विषयक शिविर

260507उदयपुर। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में जैन सोश्यल ग्रुप उदय की ओर से अणुव्रत चौक स्थित तेरापंथ भवन मेंयोग से आरोग्य जीवन विज्ञान प्रेक्षाध्यान योग प्रशिक्षण शिविर के तहत गुरुवार को सुप्त जागरण हेतु सोहम मंत्र का विशुद्धि केन्द्र, दर्शन एवं ज्ञान केन्द्र पर चित्त को केन्द्रित कर जप का प्रयोग कराया गया।

शिविर संयोजक प्रणिता तलेसरा ने बताया कि भय को समाप्त कर अभय के भाव विकास हेतु जपों के ज्ञान की अनुप्रेक्षा कराई गई। कमर दर्द के निवारण हेतु मरकट आसन के विभिन्न चरण एवं थायराइड ग्रंथि के स्राव संतुलित, टांसिल, दमा, खांसी एवं मस्तिष्क में रक्त संचार हेतु सर्वांगासन, हलासन आदि का प्रशिक्षण दिया गया।
260508सभाध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने बताया कि हास्य योग में हंसी के ठहाकों में मानसिक एवं शारीरिक कष्ट को भूलकर खो जाना ही हास्य योग है। हास्य के द्वारा न्यूरो रसायन निकलते हैं जो तनाव को कम करते हैं। हाथ के द्वारा फेंफड़ों एवं गले में रक्त संचार भी अधिक होता है। हास्य योग में नमस्ते हास्य, ताली योग, शाबासी हास्य, तारीफ हास्य के प्रयोग भी कराए गए। शिविर में जेएसजी उदय के अध्यक्ष कमलेश तलेसरा, पंकज मांडावत, चन्द्रप्रकाश पोरवाल ने योगदान दिया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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