लिविंग हेरिटेज को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता : वसुंधरा

BY — September 4, 2016

उदयपुर में आईएचएचए का वार्षिक कन्वेंशन

040908उदयपुर। हमारे हेरिटेज भवनों, किलों एवं महलों जैसी ऐतिहासिक इमारतों के माध्यम से लिविंग हेरिटेज को प्रोत्साहन देने की आवष्यकता है। सेलिब्रेशन, कार्यक्रमों एवं त्योहारों के आयोजन के माध्यम से इन स्मारकों में लाईफ को दर्शाना चाहिए। उदयपुर के फतेह प्रकाश पैलेस में आज आयोजित किए गए इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशन (आईएचएचए) के 5वें वार्षिक कन्वेंशन में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने यह बात कही।

समय के साथ सशक्त होते जा रहे हेरिटेज होटल्स एसोसिऐषन के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्मारक परम्पराओं से युक्त हैं और हमारे जीवन को परिभाषित करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे पर्यटन क्षेत्र में तीन ए असेस, अकाउंटेबिलिटी और ऑथेरिटी में विश्वावस हैं। इसके अतिरिक्त वे इसमें एक और ए-आर्टिक्युलेशन भी जोड़ना चाहती हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में 50 मिलियन पर्यटकों के आगमन के लक्ष्य को हासिल करना होगा। इस दिशा में पर्यटन विभाग पुरी तरह से तैयार है और इसके द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहें हैं। राजस्थान पर्यटन विभाग के नए मार्केटिंग अभियान को काफी सराहना मिली है और इसने युवा पर्यटकों को आकर्षित किया है। उन्होंने जानकारी दी कि कुछ मेलों व त्यौहारों को पीपीपी मोड पर दिया गया है और अन्य मेलों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जा सकती है।
040907आईएचएचए के अध्यक्ष व जोधपुर के महाराजा गज सिंह ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से हेरिटेज टूरिज्म पर राष्ट्रीय नीति तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी नीति से हेरिटेज होटल आंदोलन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि आईएचएचए की स्थापना को 25 वर्ष हो गये हैं और तेजी से बदलते हुए समय को देखते हुए नए दृष्टिकोण की आवश्य कता हैं, जो कि इस वर्ष के वार्षिक कन्वेंशन की थीम लुकिंग बियॉंड के उपयुक्त है। महाराजा गजसिंह ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में नवाचार हो रहे हैं।
कन्वेंशन के दौरान अरविंद सिंह मेवाड़ ने लिविंग हेरिटेज की अवधारणा पर प्रकाश डाला और बताया कि यह मॉन्यूमेंटल हेरिटेज एवं नैचुरल हेरिटेज से किस प्रकार भिन्न है। उन्होंने कहा कि अब  समय आ गया है, हेरिटेज को संरक्षित करने के साथ-साथ इसे जीवंत बनाए रखने की भी आवश्याकता है।
बाद में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईएचएचए के अध्यक्ष और कौशल भाव स्किल सॉल्यूशन (केबीएसएस) के प्रबंध निदेशक शंकर लक्ष्मण ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू सेक्टर स्किल काउंसिल के तहत हेरिटेज स्थानीय एवं पारंपरिक प्रथाओं के विशेष संदर्भ में रोजगार प्रदाता क्षेत्र है से संबंधित है। मुख्यमंत्री ने आईएचएचए द्वारा हेरिटेज होटलों पर तैयार की गई कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इसके अतिरिक्त आईएचएचए मैग्जीन, लेसर-नॉन हेरिटेज ऑफ इंडिया और स्मॉल एंड ब्यूटीफुल हिल स्टेशंस ऑफ इंडिया जैसे कुछ अन्य प्रकाशन भी जारी किए गए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री आईएचएचए की एक्जीबिषन का उद्घाटन किया और स्टॉल्स का अवलोकन किया। आईएचएचए के उपाध्यक्ष स्टीव बोर्जिया ने वार्षिक कन्वेंषन की थीम लुकिंग बियॉंड की महत्ता को रेखांकित किया, जबकि आईएचएचए के महासचिव रणधीर विक्रम सिंह ने धन्यवाद दिया। बाद में लुकिंग बियॉंड और क्रिएटिंग हेरिटेज बिजनेस डिलीवरिंग ड्रीम्स विषयों पर इंटरेक्टिव सत्र आयोजित किए गए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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