बच्चों के अभिनय में सुनाई दिये नारीत्व के अल्फ़ाज़

BY — November 19, 2016

191101उदयपुर। नाट्यांश सोसायटी ऑफ ड्रामैटिक एंड परफ़ोरमिंग आर्ट्स, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं विद्याभवन सोसायटी के सयुक्त तत्वावधान में चतुर्थ राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव अल्फ़ाज़- 2016 के अंतर्गत विद्याभवन सभागार मे लघु नाटक प्रतियोगिता हुई।

इसमें शहर के कई स्कूलों के लगभग 200 नन्हें कलाकारों ने बेटी बचाओ, दहेज के खिलाफ आवाज, समानता का अधिकार और औरतों का समाज मे स्थान और महिला सशक्तिकरण जेसे विषयों को केंद्र मे रख कर अपने अभिनय के रंग दिखाए।
191102निर्णायक मण्डल मे शहर के जाने माने वरिष्ठ नाट्य कर्मी विलास जानवे एवं युवा नाट्य निर्देशक कविराज लईक थे। मुख्य अथिति अरुण जैन रहे। निर्णायक मण्डल ने गणेश वंदना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद हमारे बीच एक लंबे अरसे से रह रहे जलंधर के चित्रकार कशिश सेठ ने बच्चों के सामने महज 4 मिनिट मे पेंटिंग बनायी। बच्चों के अभिनय गुर देखकर बच्चों के साथ बड़े भी उत्साहित हुए। अल्फाज के अंतर्गत हो रही इन सभी प्रतियोगिताओं  का मुख्य उद्देशय बच्चो को कला क्षेत्र मे आगे लाना और नारी जीवन के अनदेखे पहलुओ की जानकारी देना है।
इस प्रतियोगीता में निर्णायक मण्डलों द्वारा चयनित विजेताओंमें प्रथम – विद्याभवन पब्लिक स्कुल देवाली रहे। इसमें श्रेष्ठ अभिनय कलाकारों का भी चयन किया गया। श्रेष्ठ कलाकारों में संस्कृति बैंरागी, संजना मालविया और हितांशी जोशी रहे। दोनों ही निर्णायको ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चो का प्रशंसा करते हुए उत्साहवर्धन किया एवं अभिनय के कुछ गुर भी सिखाये। राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव मे कला क्षेत्र के आयोजन किये जा रहे है जिसमें क्रमशः कविता पाठ, नुक्कड़ नाटक, ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता, ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी प्रतियोगिता, फिल्म प्रदर्शन एवं विभिन्न कला प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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