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सरकार से नोटबंदी व जनविरोधी नीतियों पर जवाब मागेंगे : पायलट

BY — January 25, 2017

कांग्रेस का जनवेदना सम्मेलन

उदयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि अच्छी-भली अर्थव्यवस्था को बिगाड़ने और अपने वादों को पूरा नहीं कर पाने के चक्कर में जल्दबाजी में नोटबन्दी का फैसला थोप कर आम जनता को संकट में डाल दिया।

वे बुधवार को उदयपुर के सौभागपुरा गार्डन में आयोजित कांग्रेस के जनवेदना सम्मेललन को संबोधित कर रहे थे।  नोटबन्दी एवं केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह प्रदेशस्तरीय जनवेदना सम्मेलन हुआ। पायलट ने कहा कि हकीकत लोगों को समझने में देर लगी। लोग समझे कि काला धन बाहर आयेगा, कितने काले धन वाले पकडे जाएंगे, सीमा पार आतंकवाद व अलगाववाद बन्द हो जायेगा जैसे जैसे समय बीता और 31 दिसम्बर के बाद भाजपा की सरकार प्रधानमंत्री मोदी व उनके सब नेता जनता के सामने बेनकाब हो गए। नोटबन्दी से दिहाडी करने वाले मजदूर, रिक्शा वाले, फेरी वाले, छोटे व्यापारी, लघु उद्योग, सभी संकट में आ गए। लघु उद्योगों के ताले लटक गए। नोटबन्दी से त्रस्त लोगों की आवाज बनकर कांग्रेस देशभर में कार्यक्रम चलाकर विधानसभा वार और बाद में ब्लॉक व गांव वार कार्यक्रम आयोजित कर सरकार को जवाबदेह बनाएंगे।
उन्होने कार्यकर्ताओ से आहवान किया कि आम आदमी के दुःख दर्द को साझा करते हुए पूरी मजबूती से मेवाड़ में भाजपा के गढ़ को मात देनी है। भाजपा द्वारा कभी राम मन्दिर, कभी भाषा, कभी जाति, कभी काले धन के नाम पर गुमराह कर वोट लिये जाते है। अब जनता समझ चुकी है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के ऋण के ब्याज का 660 करोड़ माफ करने पर चुटकी लेते हुए कहा कि मोदीजी को इस फैसले से अपना सीना चौडा करने की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस की मनमोहन सरकार द्वारा ऋण के साथ ऋण का ब्याज का 70 हजार करोड़ माफ किया था। उन्होने राज्य सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि नोटबन्दी की असफलता को छिपाने के लिए सरकार मोबाइल फोन व केशलेस की बाते कर रही है जबकि हिन्दुस्तान के ग्रामीण क्षेत्र में 45 प्रतिशत हिस्से में बैंक नहीं हैं। लोगों के बैंक खाते नही है, आधार कार्ड नही है, लोग परेशान हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी गुरूदास कामत ने कहा कि केन्द्र सरकार के ढाई साल व राज्य सरकार 3 साल पूरा होने के बाद एक भी वादे पर अमल नहीं किया गया। वादे भुलाने के लिए कभी सर्जिकल स्ट्राइक का सहारा लिया जा रहा है तो कभी कोई अन्य फैसला लेकर आम जनता को मजबूर किया जा रहा है। उन्होने कहा कि राजस्थान की जनता 2018 का इन्तजार कर रही है कि कब चुनाव हो और कब इस भ्रष्टाचार में लिप्त अपनी जिम्मेदारी से भाग रही सरकार को हटा सके। सम्मेलन को एआईसीसी आब्जर्वर दीपेन्द्र हुडा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शकुन्तला रावत, प्रतिपक्ष उपनेता रमेश मीणा, देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला आदि ने सम्बोधित किया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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