हिन्दुस्तान जिंक : ग्रामीण बच्चों को जीवन बदलने का अवसर

BY — April 25, 2017

आईआईटी में प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए 30 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन
आर्थिक रूप से असक्षम मेधावी विद्यार्थियों के लिये ऊंची उड़ान कार्यक्रम

उदयपुर। वेदान्ता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय स्थित ऑडिटोरियम में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट कोचिंग प्रदान कराने के लिए ऊंची उड़ान कार्यक्रम की शुरूआत की है।

हिन्दुस्तान जिंक की हेड-सीएसआर नीलिमा खेतान ने ऊंचीउड़ान कार्यक्रम के बारे में बताया कि हिन्दुस्तान जिंक अपनी इकाईयों के आसपास रहने वाले लोगों की शिक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक विकास के प्रति सदैव कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जिंक द्वारा ग्रामीण बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा सम्बल एवं ऊंची उड़ान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत आर्थिक रूप से असक्षम 30 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए उत्कृष्ट कोचिंग प्रदान कराया जाएगा। हिन्दुस्तान ज़िंक शिक्षा सम्बल कार्यक्रम के तहत उन बच्चों के लिए जो कि 9वी, 10वीं, 11वीं तथा 12 वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं तथा राजस्थान माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन बच्चों के लिए, हिन्दुस्तान ज़िंक विशेष कक्षाओं का प्रावधान एवं आयोजन करता रहा है। गत वर्षों में 55 स्कूलों के लगभग 6000 बच्चे लाभ उठा चुके हैं।
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने अपने संदेष में कहा कि मैं इन ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित हूं तथा हिन्दुस्तान जिंक शिक्षा से वंचित बच्चों के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। मैं इन बच्चों की मेहनत, लगन एवं प्रगति के लिए बधाई देता हूं। कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य प्रचालन अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि आज हिन्दुस्तान जिंक के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है जो सामाजिक सरोकारों के लिए महत्वूपर्ण कार्य है। उन्होंने ग्रामीण बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आईआईटी में अध्ययन के लिए कड़ी मेहनत एवं लगन के साथ-साथ जुनून होना चाहिए। इन प्रतिभाओं का देश के विकास में योगदान होगा।
ऊंची उड़ान कार्यक्रम में चयनित बच्चों में से पंतनगर से आये सुमित ने हिन्दुस्तान जिंक को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिंक ने हमें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अवसर दिया है। उन्होंने बताया कि मैंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की है। इसी प्रकार दरीबा से रानी की मॉं ने बताया कि मैंने विपरीत परिस्थितियों में भी बच्ची की पढ़ाई पर जोर दिया और रानी को अच्छी पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत के लिए सदैव प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर ऊंची उड़ान कार्यक्रम के सहयोगी रेजोनेन्स उदयपुर के हेड-एकडेमिक एक्सीलेन्स रवि रंजन एवं विद्याभवन सोसायटी के अध्यक्ष अजय मेहता ने हिन्दुस्तान जिंक द्वारा पुनीत कार्य की प्रशंसा की तथा धन्यवाद दिया कि हिन्दुस्तान जिंक हमें इन ग्रामीण प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के लिए जिम्मेदारी दी है जिसका हम जिम्मेदारी से अनुपालन करेंगे।
विद्याभवन स्कूल की प्रधानाध्यापिका मधुलिका, रेजोनेन्स के अरूण श्रीमाली, हिन्दुस्तान ज़िंक के हेड-एचएसई वी. जयरमन, चिकित्सा सलाहकार डॉ. पीसी भण्डारी, हिन्दुस्तान जिंक की सभी इकाइयों के सीएसआर अधिकारी, जिंक के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी तथा चयनित बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित रहे।
यह उदयपुर में दो वर्षीय स्कूल एकीकृत आवासीय कोचिंग है। रेज़ोनेन्स एडुवन्चर्स प्रा. लि. एवं विद्याभवन कोचिंग के लिए भागीदार संस्थाएं हैं। रेज़ोनेंस एडुवेन्चर्स आईआईटी कोचिंग, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभा खोज एवं छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी कराने तथा विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बैठने वाले इच्छुक उम्मीदवारों को कक्षा प्रशिक्षण प्रदान कराने के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम है। रेज़ोनेंस की आईआईटी परीक्षा के लिए छात्रों को मार्गदर्शन के साथ 11 वीं एवं 12 वीं के छात्रों को फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथ्स की नियमित पढ़ाई कराने की भी जिम्मेदारी होगी।
छात्रों को विद्यालय, छात्रावास और अन्य सुविधाओं के लिए विद्याभवन, उदयपुर सहयोगी है जहां राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई)के छात्रों को 11 वीं कक्षा में नियमित छात्र के रूप में प्रवेश दिया जाएगा।
ज्ञातव्य रहे कि उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, अजमेर एवं पंतनगर जिलों पर दो चरणों में आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से 30 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। प्रथम चरण में आयोजित परीक्षा में 2327 विद्यार्थियों में से 575 विद्यार्थियों का चयन किया गया तथा दूसरे चरण में आयोजित परीक्षा में 575 विद्यार्थियों में से 30 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यार्थियों को आवासीय स्कूलों में कोचिंग के माध्यम से 11 वीं एवं 12 वीं की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ आईआईटी की तैयारी करवाई जाएगी।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि कोचिंग के माध्यम से कमजोर परिवारों के मेघावी छात्र-छात्राओं को देश की आईआईटी एवं प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा तथा उच्च शिक्षा प्राप्त कर स्वयं एवं परिवार का भविष्य उज्जवल करेंगे। हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत यशद सुमेधा स्कॉलरशिप एवं शिक्षा सम्बल जैसे कार्यक्रमों द्वारा समय-समय पर सहायता प्रदान करता रहा है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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