वाराणसी में मोरारी बापू की रामकथा 21 से

BY — October 17, 2017

संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से कथा में होंगे सांस्कृतिक आयोजन भी

उदयपुर। शिव व शक्ति की धरा धर्म नगरी वाराणसी में 21 से 29 अक्टूबर तक नौ दिन बड़े ही अदभूत अनुपम होंगे। उत्तरवाहिनी माँ गंगा की गोद में बसे काशी नगर के मणिकर्णिका घाट के सामने गंगा पार सतुआ बाबा जी की गौशाला में सन्त कृपा सनातन संस्थान द्वारा राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की राम कथा का होगा।

बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने वाली मोरारी बापू की 800 वीं रामकथा में ख्यातनाम कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और इस बीच प्रसिद्ध राष्ट्रीय संत मोरारी बापू के प्रवचन सोने में सुगंध का काम करेंगे। नौ दिन धार्मिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रहेगी और इसके साक्षी बापू के हजारों भक्त बनेंगे। आस्था, संस्कृति, संगीत व कला का यह उत्सव पूर्वांचल में अपनी अलग ही छाप छोडेगा। कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता मदन पालीवाल ने बताया कि वाराणसी में बापू की यह कथा आस्था, संस्कृति, संगीत का एक ऐसा स्वाद है जिसे इस उत्सव में आकर ही महसूस किया जा सकता है। वे इस आयोजन को अपने गुरू के प्रति आदरांजलि की संज्ञा देते है। उनका कहना है कि बापू की हर कथा के हर शब्द में एक सन्देश निहित होता है जो आमजन को सत्मार्ग की की ओर प्रेरित करता है।
बापू की 800 वीं कथा : राष्ट्रीय सन्त मोरारी बापू की वाराणसी में यह 800 वीं कथा आयोजित होगी । इसे लेकर पूर्वांचल की जनता खासी उत्साहित हैं क्षेत्र के सभी धार्मिक संगठन कार्यक्रम को सफलतम बनाने केे लिए कई दिनों से लगे हुए है। मोरारी बापू की रामकथा 21 अक्टूबर को सांय 4 बजे से और 22 से 29 अक्टूबर तक प्रातः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगी कथा का आयोजन गंगा पार रामनगर के डोमरी गावं में सतुआ बाबा की गौशाला में होगा । कथा स्थल पर तैयारियाॅ जोर शोर से जारी हैं । कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले कई एक महीने से कथा स्थल और मंच का निर्माणकार्य अनवरत जारी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मचेगी धूम : मोरारी बापू की रामकथा के दौरान शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे उसमें अभिनेता मकरंद देशपांडे ,पुनीत इस्सर सहित कई फिल्म अभिनेता अपनी कला का अभिनय करेंगे ,इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें कई राष्ट्रीय स्टार के कवि गण भाग लेंगे।
बजड़े में रहेंगे बापू : रामकथा के नौ दिवसीय आयोजन के दौरान मोरारी बापू गंगा किनारे बजड़े में रहेंगे। इसके लिए एक विशेष बजड़े का निर्माण किया गया है, इसमें भूतल पर 3 कमरे व हाल की सुविधा है, प्रथम तल पर बापू की कुटिया और हवन कुंड का निर्माण किया गया है। गत कई महीनों से बजड़े को बनाने में श्रीलंका और तमिनलाडु के कई कारीगर लगे थे।
कैमरे की निगाह में कथा स्थल : कथा स्थल,भोजन शाला, पार्किंग सहित संपूर्ण परिसर में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाये गये है। जिससे संपूर्ण परिसर पर नजर रखी जा सके। रामकथा के दौरान मोरारी बापू से आशीर्वाद लेने के कई अतिविशिष्ठ और विशिष्ठ मेहमान वाराणसी पहुचेंगे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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