नवाचार से बन सकता है उदयपुर बिग डाटा एनालाइसिस हब : शर्मा

BY — May 11, 2018

तेजी से बदलती दुनिया में बिग डाटा एनालिसिस का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है और व्यापार के नए युग में सफल होने के लिए इसका सर्वाधिक उपयोग आवश्यक है। इसी प्रकार आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स एक ऐसी टेक्नोलाॅजी है जिसका समय आ चुका है। मानव के जीवन में विद्युत के आविष्कार एवं पेट्रोलियम की खोज ने जैसा क्रान्तीकारी परिवर्तन किया, वैसा ही प्रभाव ‘ए.आई.‘ का भी पड़ेगा।

ये बातें पेसिफिक विश्वविद्यालय द्वारा ‘राउन्ड टेबल आॅन डेवलपिंग उदयपुर एज ए सेन्टर फाॅर बिग डाटा एनालाइसिस एण्ड प्रोग्रामिंग तथा आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में सामने आई। इस अवसर पर पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रोफेसर भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह सही है कि हम किसी भी नवीन तकनीक का आयात कर सकते हैं परन्तु यदि हम अपने भारत में ही नई तकनीक को तेजी से विकसित करें तो आर्थिक दृष्टि से भी यह अत्यन्त लाभकारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलाॅजी ही यह तय करती है कि किसी विशेष समय में अर्थ का प्रवाह किस देश की ओर सर्वाधिक रहेगा। इसी क्रम में अनेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया कि टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में बड़ी उछाल पाने के लिए ‘काॅन्सोर्टियम‘ मार्ग का सहारा लेना अत्यंत लाभदायी होता है। जब अनेक कम्पनियाँ एवं शैक्षणिक जगत मिलकर एक संघ बनाकर नया नवाचार करने का प्रयास करते हैं तो उल्लेखनीय एवं उपयोगी सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित उदयपुर के आई.टी. उद्यमियों का आह्वान किया कि वे सभी मिलकर एक संघ बनाने की दिशा में प्रयासरत हों इस प्रयास में पेसिफिक विश्वविद्यालय प्रेरक की भूमिका निभाने को तत्पर है। संगोष्ठी में भाग ले रहे सभी उद्यमी एवं उनके प्रतिनिधि इस बात पर एकमत थे बिग डाटा एनालिसिस भविष्य में रोजगार उत्पन्न करने में बड़ी भूमिका निभाएगा एवं पेसिफिक विश्वविद्यालय द्वारा इस विषय पर एम.बी.ए. कोर्स आरम्भ करना अति सामयिक, दूर दृष्टिपूर्ण तथा सराहनीय पहल है।
संगोष्ठी में शैक्षणिक एवं उद्योग प्रतिनिधियों के छोटे-छोटे संयुक्त ग्रुप बनाकर कंसोर्टियम के प्रस्ताव पर विचार किया गया। प्रोफेसर शर्मा ने आश्वासन दिया कि उदयपुर एवं भारत को विश्व में विशिष्ट पहचान दिलाने वाली इस पहल में उदयपुर के आई.टी. उद्योगपतियों के साथ पेसिफिक विश्वविद्यालय अपने संपूर्ण संसाधनों के साथ यथासंभव योगदान देने को तैयार है।
प्रारंभ में संगोष्ठी के विषय पर प्रकाश डालते हुए फैकल्टी आॅफ मैनेजमेन्ट की डीन प्रो. महिमा बिड़ला ने कहा कि बिग डाटा एनालाइसिस एवं आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स की सामयिकता के मद्देनजर पेसिफिक विश्वविद्यालय ने इन विषयों पर नए एम.बी.ए. व बी. टेक कोर्स प्रारंभ किए हैं। उन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित उदयपुर नगर के आई.टी. क्षेत्र के उद्यमियों से डेटा साइंस व एनालाइसिस में उपयोग होने वाली तकनीक के अनुरूप कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया।
संगोष्ठी में उदयपुर के आई.टी. क्षेत्र के लगभग 30 बिजनेस एक्जिक्यूटिव्स ने भाग लिया जिनमें नेक्साथोन के डायरेक्टर हिमकर दूबे, आर्कगेट के राजेश भाटिया, अद्वैय टेक्नोलाॅजी के मनीष गोधा, स्टार्टअप प्रोजेक्ट टीम के धवल सिंघल, लिपीडाटा के विनित दीक्षित आदि शामिल हैं। जून में पुनः मिलने के वायदे के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *