मेंटल डिसआॅर्डर बीमारी पर चल रही है रिसर्च

BY — July 18, 2018

तीन दिवसीय एल्यूरिंग राजस्थान 2018 प्रदर्शनी प्रारम्भ
देश में हो रहे नये अनुसंधान को छात्र जान पढ़ाई में कर सकेंगे उपयोग

उदयपुर। मेडिकल एन्ड हेल्थ पर रिसर्च करने वाली साइंटिस्ट श्रीमती डाॅ.नीरज टंडन ने बताया कि देश में सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारी मेंटल डिसऑर्डर है। इससे प्रभावित होने वाले मरीजों की संख्या देश में बहुत अधिक है। इसके बाद हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर फिर कैंसर का नम्बर आता है। मेंटल डिसऑर्डर होने के सबसे बड़ा कारण तनाव है।

आज हर बच्चे को, जवान को वृद्ध को किसी न किसी बात पर तनाव है। ये स्ट्रेस आपको बीमार करके जिंदगी को परेशानियों से भर देता है। इस पर नेशनल इन्स्टीट्यूट आफ मंेटल हेल्थ एण्ड न्यूरो साईसेंस बेंगलोर रिसर्च कर रहा है।
फ्रेन्डस एक्जीबिशन एण्ड प्रमोशन दिल्ली द्वारा केन्द्र सरकार के विभागों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में हो रहे नये अनुसंधानों को जन-जन एवं छात्रों तक पंहुचाने के लिये होटल इन्दर रेजीडेन्सी में तीन दिवसीय एल्यूरिंग राजस्थान 2018 प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया गया। जिसमें उक्त बात उभर कर सामनें आयी। इसका उद्घाटन महापौर चन्द्रसिंह कोठारी,प्रन्यास चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली एवं जिला शिक्षा अधिकारी नरेश डंागी ने किया।
संस्था के एम.एम. भास्कर एवं आनन्दपाल ने आज यहंा आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और विकास, कृषि और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। इसरो, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद,बायोटेक्नोलाजी विभाग,भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद,गेल, सीओआईआर,उपभोक्ता मामलें,खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग,हिन्दुस्तान कोपर लिमिटेड, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम सहित अनेक केन्द्रीय विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाकर अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे नवीन अनुसंधानों की जानकारियंा दी जायेगी। प्रदर्शकों द्वारा इस प्रकार की प्रदर्शनी में भाग लेकर ज्ञान, अनुभव और इंटरेक्टिव सत्र और प्रश्नोत्तरी को साझा करते है।
भास्कर ने बताया कि प्रदर्शनी में तीनों दिन विभिन्न स्कूलों के छात्रों, और जनता, राज्य और केंद्र सरकार के विभाग वैज्ञानिक मॉडल और साहित्य से परिचित होंगे। विभिन्न क्षेत्रों में शोध और प्रयोगों के बारे में युवाओं को जागरूक करने के लिए प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी आगंतुकों को जानकारी देगा और नवीनतम नवाचारों और शोध योजनाओं के लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
आनन्दपाल ने बताया कि यह प्रदर्शनी प्रौद्योगिकी, कृषि, महिलाओं और बच्चों के कल्याण, उद्योग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, शिक्षा, अनुसंधान और विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, बिजली और ऊर्जा, कृषि, के मुख्य क्षेत्र बागवानी आदि कार्यक्रम में विकास गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान करेगी।
एल्यूरिंग राजस्थान 2018 प्रदर्शनी में ग्रामीण कलाकारों और बुनकरों द्वारा “कोयर”, “नारियल और बांस” से बने आकर्षक हैंडलूम, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। निःशुल्क प्रदर्शनी 20 जुलाई तक जारी रहेगी ताकि अध्किातम लोग इसका लाभ उठा सकें।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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