हिन्द ज़िंक के सहयोग से वंचित वर्ग के बच्चों के 12वी में शत प्रतिशत नतीजे

BY — July 14, 2020

विद्यार्थी ’ऊंची उड़ान’ प्रोजेक्ट के तहत आईआईटी-जेईई के लिए कोचिंग में तैयारी कर रहे हैं
वेदांता ग्रुप की कंपनी हिन्दुस्तान ज़िंक ने वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शुरु की गए ’ऊंची उड़ान’ प्रोजेक्ट के दूसरे समूह के बच्चों ने 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिषत परिणाम दर्ज किया है तथा उन्होंने हिंदी, अंग्रेज़ी, फिज़िक्स, कैमिस्ट्री व गणित विषयों में कुल 100 डिस्टिंक्षन हासिल की हैं। राजस्थान के सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले इन प्रतिभावान विद्यार्थियों का लक्ष्य अब आईआईटी- जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण करना है, जिसके लिए ये विद्यार्थी हिन्दुस्तान ज़िंक के सहयोग से उदयपुर जिले में कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं।

विद्यार्थियों को बधाई देते हुए हिन्दुस्तान ज़िंक के डिप्टी सीईओ श्री अरुण मिश्रा ने कहा, ’’इन विद्यार्थियों की सफलता हमेषा बहुत खास रही है क्योंकि इन्होंने हर विपरीत स्थिति से मुकाबला करते हुए शानदार प्रदर्षन किया है। इनकी कामयाबी हमारे इस विष्वास को पुख्ता करती है कि उत्तम षिक्षा तक पहुंच सुनिष्चित करके ग्रामीण भारत में बदलाव लाए जा सकते हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मैं इन विद्यार्थियों को बधाई देता हूं और समाज के लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने हमारे कार्यक्रमों को निरंतर समर्थन दिया। मैं षिक्षकों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जो इन विद्यार्थियों को प्रषिक्षित करने में बहुत ही बढ़िया काम कर रहे हैं ताकि वे भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक आईआईटी-जेईई में उत्तीण हो सकें। ये सम्माननीय षिक्षणगण इन बच्चों के सपनों व उनके लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।’’

हिन्दुस्तान जिंक का ’ऊंची उड़ान’ एक शैक्षणिक उत्कृष्टता कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य है कंपनी के परिचालन क्षेत्र में आने वाले सरकारी स्कूलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान करना और उन्हें आईआईटी व अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेष हेतु संरक्षण देना। कंपनी हर वर्ष ग्रामीण इलाकों से कड़ी चयन प्रक्रिया द्वारा 25-30 विद्यार्थियों का चयन करती है। यह चयन राजस्थान के 6 जिलों-उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद व अजमेर तथा उत्तराखंड के पंतनगर से किया जाता है। इन बच्चों को आईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग काॅलेजों में प्रवेष पाने के लिए निषुल्क कोचिंग दी जाती है। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट में कक्षा 9 से 12 के 123 बच्चे (समूह 2 से समूह 5) शामिल हैं। हर साल एक समूह जेईई परीक्षा में बैठता है। 9वीं कक्षा से ही बच्चों की शुरुआत करा देने पर उन्हें कड़े प्रषिक्षण के लिए चार वर्ष मिल जाते हैं।
इस प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों के चयनित समूह को रिहाइषी और गैर-रिहाइषी स्कूलिंग व कोचिंग सपोर्ट दिया जाता है। कंपनी रेसोनेंस ऐजुवेंचर्स प्रा.लि. और विद्या भवन, उदयपुर के सहयोग से यह कार्य कर रही है। रेजोनेंस ऐजुवेंचर्स प्रा.लि. इन विद्यार्थियों को आईआईटी प्रवेष परीक्षा के लिए कोचिंग देती है और विद्या भवन द्वारा स्कूलिंग, बोर्डिंग व लाॅजिंग सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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