प्रतिष्ठित 29वें भामाशाह सम्मान समारोह में हिन्दुस्तान जिंक को 6 पुरस्कार

BY — June 28, 2025

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सीएसआर में 2017 से 430 करोड से अधिक का योगदान
शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिवर्ष 2 लाख से अधिक ग्रामीण और आदिवासी बच्चें लाभान्वित
भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड को 29वें भामाशाह सम्मान समारोह में 6इकाईयों को सम्मानित किया गया। भामाशाह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक़ के रामपुरा आगुचा माइन, चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर, जावर माइन्स, राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स, जिंक स्मेल्टर देबारी को शिक्षा विभूषण एवं कायड माइन को शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक योगदान के लिए शिक्षा भूषण प्रदान किया गया। यह लगातार 10वां वर्ष है जब राजस्थान सरकार ने परिवर्तनकारी शैक्षिक पहलों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए हिंदुस्तान जिंक को सम्मानित किया है। कंपनी ने 2017 से विभिन्न शिक्षा हस्तक्षेपों में 430 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जिससे सालाना 2 लाख से अधिक बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। यह पुरस्कार माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिलाा सभागार में आयोजित पुरस्कार समारोह में माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, प्रमुख सचिव शिक्षा कृष्ण कुणाल, विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति विश्व मोहन श्रीवास्तव, सीताराम जाट, अनुपमा जोरवाल ने यह पुरस्कार दिये। जिसे हिन्दुस्तान जिं़क की इकाइयों रामपुरा आगुचा माइन के आइबीयू सीईओ राममुरारी, चंदेरिया लेड जिं़क स्मेल्टर के यूनिट हेड अमित सुराणा, दरीबा स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स के आइबीयू सीईओ बलवंत सिंह राठौड, जावर माइंस के आइबीयू सीईओ अंशुल खण्डेलवाल, देबारी जिं़क स्मेल्टर के हेड आॅपरेशंस मुकेश कुमार एवं कायड माइंस के मान मैनेजर अंकुर माण्डावत एवं सीएसआर टीम ने प्राप्त किया।

विगत आठ वर्षों में हिन्दुस्तान जिं़क ने शिक्षा के क्षेत्र में सीएसआर के तहत् सामाजिक विकास में 430 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर 80 करोड़ रुपये जिनमें कक्षा कक्षों का निर्माण, शौचालय, खेल के मैदान, पीने के पानी की सुविधाएं और विद्युतीकरण और दीर्घकालिक शिक्षा प्रयासों हेतु 350 करोड़ रुपये शामिल हैं। इनमें नंद घर जो कि आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बचपन की देखभाल शामिल है, शिक्षा संबल, ग्रामीण छात्रों वशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा जीवन तरंग,उच्च शिक्षा हेतु ऊंची उड़ान, ग्रामीण बलिकाओं के लिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना और कंपनी-संचालित स्कूलों के लिए सहयोग शामिल हैं।

हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने इस उपलब्धि पर कहा कि, हमारा मानना है कि शिक्षा सशक्त समुदायों के निर्माण के लिए सबसे मजबूत नींव है। प्रतिवर्ष भामाशाह पुरस्कार प्राप्त करना शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे स्थायी प्रभाव और राजस्थान भर के स्कूलों, शिक्षकों और परिवारों के साथ हमने जो साझेदारी विकसित करने का प्रमाण है। हिन्दुस्तान जिं़क हमेशा अपने समुदायों के साथ है और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दी है, यह पुरस्कार हमारे लोगों और राज्य के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हिन्दुस्तान जिंक के शिक्षा कार्यक्रम से प्रतिवर्ष 2 लाख से अधिक बच्चें लाभान्वित हो रहे हैं, जिसका स्कूल नामांकन, विशेष रूप से किशोर बालिकओं के विद्यालय से जुड़ाव, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सीखने के परिणामों पर उल्लेखनीय प्रभाव हुआ है। राज्य में कक्षा 10वीं का उत्तीर्ण प्रतिशत 2007 में 47 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 93.6 प्रतिशत हो गया है, जिसमें बालिकाएं लगातार बालकों का से बेहतर प्रदर्शन रहा हैं। हिंदुस्तान जिंक का शिक्षा संबल कार्यक्रम ग्रामीण राजस्थान में वंचित बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच में सुधार के लिए और अधिक प्रयास करते हुए, कंपनी ने हाल ही में राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें अगले पांच वर्षों में प्रदेश में शैक्षिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 36करोड़ रुपये का निवेश होगा।
हिंदुस्तान जिंक के प्रयासों में शिक्षा के साथ ही ग्रामीण महिलाओं और किसानों का उत्थान, स्वास्थ्य सेवा, जल संरक्षण को बढ़ावा देकर, स्वच्छता, बुनियादी ढांचे में सुधार और स्थायी आजीविका के लिए भी कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है। इन पहलों ने सामूहिक रूप से 2,300 से अधिक गांवों में 23 लाख से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। हिन्दुस्तान जिंक भारत के शीर्ष 10 सामाजिक रूप से जिम्मेदार कॉर्पोरेट्स में शामिल है जो कि नवाचार, सशक्तिकरण और पर्यावरणीय प्रबंधन प्रमुखता के साथ मजबूत और समावेशी राजस्थान के निर्माण के लिए समर्पित हंै।

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *