उदयपुर : प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (2025) प्राप्त करने वाली पहली भारतीय संस्था एजुकेट गर्ल्स ने अपने 18वें स्थापना दिवस पर टीम बालिका स्वयंसेवी नेटवर्क की उपलब्धियों का उत्सव मनाया तथा कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाली शिक्षार्थियों को सम्मानित किया। इस समारोह में सामुदायिक नेता, सरकारी प्रतिनिधि, स्वयंसेवक, साझेदार और शिक्षार्थी एकत्रित हुए, ताकि ग्रामीण और शैक्षिक रूप से वंचित समुदायों में बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की लगभग दो दशकों की यात्रा का स्मरण किया जा सके। उत्तीर्ण छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा संवादात्मक सत्रों ने शिक्षार्थियों, प्रेरकों और टीम बालिका सदस्यों को संघर्ष, सामुदायिक सहभागिता और परिवर्तन की कहानियाँ साझा करने का सशक्त मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महिला सशक्तिकरण विभाग उपनिदेशक संजय जोशी उदयपुर रहे। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सबसे महत्वपूर्ण है शुरुआत करना, क्योंकि एक बार आप शुरू कर देते हैं, तो आगे बढ़ना आसान हो जाता है। एक लड़की की सफलता अन्य लड़कियों को प्रेरित करती है और एक लड़की की शिक्षा पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करती है। सीईओ गायत्री नायर लोबो ने उत्तीर्ण शिक्षार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि कक्षा 10 पूर्ण करना एक लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा, “अठारह वर्ष पहले एजुकेट गर्ल्स ने राजस्थान के पाली जिले में एक सरल विश्वास के साथ शुरुआत की थी कि हर लड़की एक अवसर की हकदार है। आप आशा हैं, आप शक्ति हैं और जब आप आगे बढ़ती हैं, तो पूरे समुदाय को साथ लेकर चलती हैं।
उदयपुर में आयोजित एक विशेष समारोह में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आई किशोरियों और युवा महिलाओं को राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की कक्षा 10 परीक्षा में उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। ये शिक्षार्थी एजुकेट गर्ल्स की सेकंड-चांस शिक्षा पहल ‘प्रगति’ का हिस्सा हैं, जो 15-29 वर्ष आयु वर्ग की उन युवा महिलाओं का समर्थन करती है, जो आयु में अधिक हैं, पढ़ाई में पिछड़ गई थीं या औपचारिक शिक्षा से स्थायी रूप से बाहर होने के जोखिम में थीं। डायरेक्टर ऑपरेशंस विक्रम सोलंकी ने कहा, “हर परीक्षा परिणाम के पीछे साहस और सामूहिक प्रयास की कहानी होती है। राज्य सरकारों के साथ मजबूत साझेदारी और हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों तथा प्रेरकों की शक्ति से हम यह सिद्ध कर रहे हैं कि जब समुदाय और व्यवस्थाएँ साथ मिलकर कार्य करती हैं, तो परिवर्तन स्थायी बनता है। कार्यक्रम में 450 से अधिक शिक्षार्थियों, 45 प्रेरकों और 73 टीम बालिका स्वयंसेवकों सहित अनेक साझेदारों और अतिथियों ने भाग लिया। डायरेक्टर- पीपल एंड कल्चर अनुष्री सिंह तथा राजस्थान राज्य संचालन प्रमुख ब्रजेश सिन्हा भी उपस्थित रहे।








