पाहेर विश्वविद्यालय के योगिक साइंस विभाग द्वारा आयोजित
विश्वविद्यालय के योगिक साइंस विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “द योगिक थाली” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. खुशबू शारदा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को योगिक आहार और संतुलित पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि के स्वागत के साथ हुआ। अध्यक्ष डॉ टी पी अमेटा ने अतिथि का स्वागत उपरना ओढ़ाकर किया। कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. शुभा सुराना ने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित खान-पान और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याएँ बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योगिक आहार और संतुलित भोजन की अवधारणा लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित कर सकती है। उन्होंने कहा कि योग केवल आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि उचित आहार, विचार और दिनचर्या भी योग का महत्वपूर्ण अंग हैं।

मुख्य वक्ता डॉ. खुशबू शारदा ने “द योगिक थाली” की अवधारणा को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाते हुए बताया कि संतुलित भोजन शरीर, मन और आत्मा तीनों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योगिक थाली में सात्विक भोजन को प्रमुखता दी जाती है, जिसमें ताजे फल, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज, दालें, अंकुरित अनाज, सूखे मेवे और पर्याप्त मात्रा में जल शामिल होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जंक फूड, अत्यधिक तैलीय एवं प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि योगिक भोजन केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि शरीर को ऊर्जा प्रदान करने और मन को शांत रखने का साधन भी है। भोजन को सही समय पर, शांत वातावरण में और सकारात्मक भाव से ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भोजन करते समय मोबाइल फोन, टेलीविजन या अन्य विकर्षणों से दूर रहना चाहिए, जिससे भोजन का पाचन बेहतर होता है और मानसिक शांति बनी रहती है।
व्याख्यान के दौरान डॉ. खुशबू शारदा ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि वर्तमान समय में मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और तनाव जैसी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिनका मुख्य कारण असंतुलित आहार और निष्क्रिय जीवनशैली है। यदि व्यक्ति योगिक जीवनशैली अपनाए और संतुलित भोजन करे, तो इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने “ईट राइट, लिव हेल्दी” का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जसवंत मेनारिया ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के व्याख्यान अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि योगिक साइंस विभाग समय-समय पर विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य, योग, पोषण और मानसिक संतुलन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, जिससे विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने पोषण, डाइट प्लान और योगिक आहार से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. खुशबू शारदा ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम का वातावरण ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। अंत में विभाग की ओर से मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए न केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करने वाला रहा, बल्कि उन्हें संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करने वाला सिद्ध हुआ।