लेकसिटी में देशभर के ऑन्कोलॉजिस्ट रखेंगे विचार
उदयपुर। कैंसर उपचार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों, नई दवाओं, प्रिसीजन मेडिसिन और मरीजों के बेहतर उपचार की दिशा में विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों पर देशभर के विशेषज्ञ गहन मंथन करने के लिए शुक्रवार से लेकसिटी में इकटठे हो रहे हैं। उदयपुर में लगातार छठी बार तीन दिवसीय टेªण्ड्स ऑफ ट्रांसफोर्मेशन इन ऑन्कोलॉजी ऑन्कोकन्वर्ज सम्मेलन का नेतृत्व प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. मनोज महाजन, डायरेक्टर एण्ड सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल ऑन्कोलॉजी, पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पारस हेल्थ, उदयपुर द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार को उद्घाटन समारोह में चेयरमेन पीएमसीएच राहुल अग्रवाल, डायरेक्टर प्रीति अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल, प्रेसिडेंट डॉ. एम.एम. मंगल, प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. मनोज महाजन आयोजन समिति के डॉ. विजय पाटिल, डॉ. अक्षय कार्पे और डॉ. सौरभ शर्मा उपस्थित रहेंगे।
प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. मनोज महाजन ने बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम बदलावों, उपचार की नई रणनीतियों और उभरती चिकित्सा तकनीकों को लेकर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान करना है। सम्मेलन में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ हेमेटोलॉजी, न्यूरो-ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
डॉ. महाजन ने बताया कि पहले दिन का प्रमुख आकर्षण में जेरियाट्रिक हेमेटोलॉजी से जुड़े सत्र रहेंगे। सम्मेलन की शुरुआत ‘जेरियाट्रिक हेमेटोलॉजी एंड क्लिनिकल चौलेंजेज’ विषय से होगी, जिसमें अधिक उम्र के मरीजों में एनीमिया की पहचान एवं उपचार, ऑस्टियोपोरोसिस और लिम्फोमा के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इन सत्रों में डॉ. आर.के. शर्मा, डॉ. के. सामर और डॉ. हेमंत महुर सहित विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। अधिक उम्र के कैंसर मरीजों के उपचार में आने वाली जटिलताओं और व्यक्तिगत उपचार रणनीति पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
डॉ. विजय पाटिल ने बताया कि डॉ. मनोज महाजन लिम्फोमा के मैनेजमेंट से जुड़े सत्र में अपने विचार साझा करेंगे। सम्मेलन में उनका नेतृत्व उदयपुर को कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाद के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में सामने लाने वाला है।
डॉ. अक्षय कार्पे ने बताया कि इसके बाद हेमेटोलॉजी इमरजेंसीज एंड सपोर्टिव केयर पर केंद्रित सत्र में फेब्राइल न्यूट्रोपेनिया, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स के प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। डॉ. आर.एल. मीना, डॉ. गिरिश चंदावरमा, डॉ. आर. के. त्रिपाठी, डॉ. राजकुमार यादव और अन्य विशेषज्ञ इन विषयों पर चिकित्सकीय अनुभव साझा करेंगे। मल्टीपल मायलोमा के उपचार में प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन तथा सपोर्टिव केयर की भूमिका पर भी विशेष चर्चा होगी।
डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण विषय मल्टीपल मायलोमा में नई पीढ़ी की दवाओं और उपचार विकल्पों पर चर्चा होगी। टेस्लीस्टेमेब तथा बीसीएमए से आगे बढ़ते उपचार विकल्पों, टैल्क्वेटामाब और आरआरएमएम में आधुनिक उपचार रणनीतियों जैसे विषयों को कार्यक्रम में प्रमुख स्थान दिया गया है। इन सत्रों में डॉ. हेमंत मल्होत्रा, डॉ. प्रकाश शेखावत सहित विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
ऑन्कोकन्वर्ज 2026 के अंतिम चरण में न्यूरो ऑन्कोलॉजी पर विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें प्रिषियन मेडिसीन इन एमआईडीए ग्लीओमा और इण्डिगो ट्रायल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इस सत्र में डॉ. मनोज महाजन सहित डॉ. मनीष कुलश्रेष्ठ, डॉ. भूपेंद्र चौधरी, डॉ. अजय सिंह, डॉ. अमितेंदु शेखर और डॉ. उदय भौमिक जैसे विशेषज्ञ शामिल होंगे।
डॉ. मनोज महाजन ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल नई चिकित्सा तकनीकों की जानकारी साझा करना नहीं, बल्कि विशेषज्ञों के बीच ऐसा संवाद स्थापित करना है, जिससे कैंसर मरीजों के लिए अधिक सटीक, प्रभावी और आधुनिक उपचार की दिशा मजबूत हो सके।