1000 से अधिक महिलाएं धारण करेंगी कलश
उदयपुर। नवरात्रि पर्व के अवसर पर शूलधारिणी सेना उदयपुर की ओर से इस वर्ष भी नवदुर्गा स्वरूपों की भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 10 अक्टूबर को दोपहर 3:15 बजे रेती स्टैंड स्थित आवरी माता मंदिर से शोभायात्रा रवाना होगी। धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और पारंपरिक लोक कलाओं से सजी इस शोभायात्रा में शहरभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
आयोजन की सबसे खास झलक एक हजार से अधिक महिलाओं की कलश यात्रा होगी। महिलाएं माता रानी की चुनरी धारण कर सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल होंगी। आयोजन को लेकर शूलधारिणी सेना के कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर लोगों को निमंत्रण दिया जा रहा है। साथ ही शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की जा रही है।
आवरी माता मंदिर से शुरू होगी यात्रा
शोभायात्रा रेती स्टैंड स्थित आवरी माता मंदिर से शुरू होकर टेकरी चौराहा, माली कॉलोनी, देवनारायण मंदिर, परशुराम चौराहा और राजेंद्र नगर होते हुए टेकरी स्कूल पहुंचेगी। इसके बाद शोभायात्रा वापस आवरी माता मंदिर पहुंचेगी, जहां नवदुर्गा स्वरूपों की स्थापना की जाएगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां रहेंगी आकर्षण
शोभायात्रा में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसमें नासिक ढोल, बाहुबली हनुमानजी, भगवान नरसिंह, शिव अघोरी मंडली और श्रीनाथजी की झांकियां शामिल रहेंगी।
इसके साथ ही अश्व नृत्य, लोक नृत्य और अखाड़ा प्रदर्शन भी शोभायात्रा का हिस्सा होंगे। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के बीच निकलने वाली यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
मिट्टी से तैयार होंगे नवदुर्गा स्वरूप
आयोजन की एक महत्वपूर्ण विशेषता मिट्टी से तैयार की गई नवदुर्गा स्वरूपों की प्रतिमाएं हैं। इन प्रतिमाओं के माध्यम से आयोजन समिति की ओर से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। प्रतिमाओं के निर्माण में मिट्टी के उपयोग को पर्यावरण के प्रति जागरूकता से जोड़कर देखा जा रहा है।
19 वर्षों से जारी है आयोजन
शूलधारिणी सेना की ओर से यह आयोजन पिछले 19 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। सेना के कार्यकर्ता आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं और शोभायात्रा को व्यवस्थित एवं भव्य बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
आयोजन को लेकर सेना के संस्थापक गजेंद्र आचार्य, प्रदेश सचिव भूपेंद्र धाभाई, सेना उप प्रमुख सतीश मालवीय, जिला अध्यक्ष संदीप चौहान और नगर अध्यक्ष संजय सुथार सहित सेना के कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
नवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली यह शोभायात्रा धार्मिक आस्था, महिला सहभागिता, पारंपरिक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को एक साथ सामने लाएगी। आयोजकों ने शहरवासियों से शोभायात्रा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।