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पेसिफिक में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस ‘नेक्स्ट जनरेशन साइंस एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन’ शुरू

BY — October 9, 2026

उदयपुर। विज्ञान के आविष्कार किसी चमत्कार से कम नहीं है और पिछले कुछ वर्षों में हुए नवीन आविष्कारों और एआई ने तो लोगों की सोच को ही बदल दिया है। नयी पीढ़ी और विज्ञान के सामन्जस्य को लेकर पाहेर विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस “नेक्स्ट जनरेशन साइंस एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन” का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश से आए 270 से अधिक शोधार्थियों और वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया और शोध पत्र प्रस्तुत किया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा, कांफ्रेंस के मुख्य वक्ता इंडियन सोसाइटी ऑफ केमिस्ट एंड बायोलॉजिस्ट के अध्यक्ष प्रो. अनामिक शाह विशिष्ट अतिथि पेसिफिक यूनिवर्सिटी ग्रुप प्रेसिडेंट प्रो. बी.पी. शर्मा, विषेष अतिथि राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, राजस्थान के निदेशक प्रो.अजय शर्मा, पाहेर विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी, विज्ञान एवं तकनीकी संकाय के डीन प्रोफेसर दिलेन्द्र हिरन, कांफ्रेंस चेयरपर्सन प्रो. सीमा कोठारी, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो. रक्षित अमेटा और समन्वयक प्रो. पारस टांक सहित कई अतिथि, विष्वविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा ने अपने संबोधन में विज्ञान एवं तकनीक के तेजी से बदलते दौर में सतत विकास की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैज्ञानिक प्रगति का उद्देश्य केवल नई तकनीकों का विकास करना नहीं, बल्कि ऐसी तकनीकों और शोध को बढ़ावा देना भी है, जो पर्यावरण, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभकारी एवं लम्बे समय तक चलने वाली हों।
विशिष्ट अतिथि पेसिफिक यूनिवर्सिटी ग्रुप प्रेसिडेंट प्रो. बी.पी. शर्मा ने शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे निरंतर बदलावों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में उच्च शिक्षा संस्थानों एवं शोधकर्ताओं को पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर अंतर्विषयक अनुसंधान, नवाचार एवं नई तकनीकों के साथ कदम मिलाकर चलना होगा ।
विशेष अतिथि राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, राजस्थान के निदेशक प्रो.अजय शर्मा ने विज्ञान एवं षिक्षा के क्षेत्र में हो रहे उपयोगी बदलावों को आमजन तक सरल भाषा में पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने शोधार्थियों को नवीन विचारों के साथ अनुसंधान करने तथा अपने शोध को व्यापक स्तर पर उपयोगी बनाने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी ने पाहेर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को देश-विदेश के विशेषज्ञों के साथ संवाद करने, नवीन विचारों को समझने तथा अपने अनुसंधान को व्यापक मंच प्रदान करने का अवसर देते हैं।
कांफ्रेंस के मुख्य वक्ता इंडियन सोसाइटी ऑफ केमिस्ट एंड बायोलॉजिस्ट के अध्यक्ष प्रो. अनामिक शाह ने औषधि खोज एवं आर्टिफिषियल इंटेलिजेंस के साथ भविष्य का समन्वय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा भविष्य एआई का है, हमें इससे डरना नहीं है इसे हमारी षिक्षा और जीवन का हिस्सा बनाना है ताकि काम के निष्पादन के मार्ग सरल व त्वरित हो सकें।
विज्ञान एवं तकनीकी संकाय के डीन प्रोफेसर दिलेन्द्र हिरन ने स्वागत उद्बोधन में कांफ्रेंस में शामिल सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कांफ्रेंस के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों को सतत विकास के लक्ष्यों के साथ जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
कांफ्रेंस चेयरपर्सन प्रो. सीमा कोठारी ने सम्मलेन की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया की कांफ्रेंस में देश विदेश से आये 270 से अधिक शोधार्थी व शिक्षाविद भाग ले रहे है जिसमे वे 50 ओरल तथा 200 पोस्टर के माध्यम से अपने शोध को प्रस्तुत करेंगे ।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो. रक्षित अमेटा ने बताया कि दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्रों के दौरान शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और नेक्स्ट जनरेशन साइंस पर मंथन होगा। समन्वयक प्रो. पारस टांक ने बताया की इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्राजील, कुवैत और स्पेन सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ता एवं वैज्ञानिक अपने नवीनतम शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.