पाहेर विश्वविद्यालय में हुई दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
उदयपुर। पाहेर विश्वविद्यालय, उदयपुर के स्नातकोत्तर अध्ययन एवं विज्ञान व तकनीकी संकाय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘नेक्स्ट जनरेशन साइंस एंड सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन विज्ञान, तकनीक, रसायन विज्ञान, औषधि अनुसंधान तथा सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश के प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने भाग लेकर अपने शोध निष्कर्षों, नवीन अनुसंधानों और वैज्ञानिक दृष्टिकोणों को साझा किया। कार्यक्रम में मौखिक प्रस्तुतियों एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने शोध कार्य प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
समापन अवसर पर पाहेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उद्देश्य केवल नए आविष्कार करना नहीं, बल्कि उन आविष्कारों को मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति से जोड़ना भी है।

समारोह के सम्मानीय अतिथि इंडियन सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री एंड बायोलॉजी के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. महेश शर्मा रहे।
विज्ञान एवं तकनीकी संकाय के डीन प्रो. दिलेन्द्र हिरण ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक विज्ञान के सामने पर्यावरणीय चुनौतियों, संसाधनों के संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और मानव स्वास्थ्य से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान खोजने के लिए बहुविषयक अनुसंधान, नवीन तकनीकों तथा वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान, जैव विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीकों का समन्वय भविष्य के अनुसंधान को नई दिशा दे सकता है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान अनेक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व्याख्यान आयोजित किए गए, जिनमें कुवैत से प्रो. नाजिमा हबीबी तथा ब्राजील से प्रो. दिआगो सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने आधुनिक विज्ञान में उभरती अनुसंधान प्रवृत्तियों, रसायन विज्ञान के नवीन अनुप्रयोगों, औषधि खोज की संभावनाओं तथा सतत विकास के लिए वैज्ञानिक नवाचारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। व्याख्यानों के दौरान प्रतिभागियों को नवीन शोध पद्धतियों, वैश्विक वैज्ञानिक चुनौतियों और भविष्य में अनुसंधान की संभावित दिशाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
सीनियर साइंटिस्ट्स अवार्ड डॉ. दीपक कुमार, ज्योतिन्द्र ल, योगेन्द्र चौधरी, हरेश तथा यन्ग साइंटिस्ट्स अवार्ड यश, अंजली, आशीष को दिया गया।
पोस्टर प्रस्तुतिकरण में विद्यार्थी वर्ग में निधि व कुसुम प्रथम रहे , तथा सीनियर वर्ग में तनवीर, ज़ाकिर व प्रतीक्षा तथा जुनीयर वर्ग में लोकेंद्र, धूमल , नशानेन व प्रयान्शी प्रथम रहे
इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रतिभाशाली शोधार्थियों एवं युवा वैज्ञानिकों के अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहन मिला। कॉन्फ्रेंस की चेयरपर्सन प्रो. सीमा कोठारी ने बताया कि सम्मेलन में देश-विदेश के 270 से अधिक प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने नवीन शोध निष्कर्षों को मौखिक प्रस्तुतियों एवं पोस्टर प्रदर्शन के माध्यम से साझा किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करना था।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. हिमानी दशोरा, डॉ. पूर्णिमा दशोरा, डॉ. शिखा वर्मा एवं डॉ. राखी मेहता ने किया। सम्मेलन के सचिव प्रो. रक्षित आमेटा ने आयोजन की विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन सत्र में प्रो. पारस टांक ने सभी अतिथियों, आमंत्रित वक्ताओं, शोधार्थियों, प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।