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स्मार्ट माइनिंग से सुरक्षित और टिकाऊ खनन को मिलेगा बढ़ावा

BY — November 1, 2026

भारतीय खनन दिवस पर एमईएआई की राष्ट्रीय संगोष्ठी में क्रिटिकल मिनरल्स, आधुनिक तकनीक और खनिज संरक्षण पर मंथन, विद्यार्थियों को 36 हजार रुपये की छात्रवृत्तियां

उदयपुर । माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई) राजस्थान चौप्टरदृउदयपुर की ओर से भारतीय खनन दिवस के अवसर पर रविवार को लाभगढ़ रिसॉर्ट में “स्मार्ट माइनिंगः रिसोर्स टू रेजिलिएंस” विषय पर राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी एवं पैनल परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों, सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। संगोष्ठी में आधुनिक तकनीक के उपयोग, खनिज संसाधनों के संरक्षण, खदानों की सुरक्षा तथा पर्यावरण के अनुकूल खनन पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
चैप्टर सचिव डॉ. हितांशु कौशल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व चैप्टर अध्यक्ष वाई.सी. गुप्ता द्वारा भारतीय खनन दिवस की शपथ दिलाने के साथ हुई। चैप्टर अध्यक्ष महेश माथुर ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि उपाध्यक्ष आसिफ एम. अंसारी ने देश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण में खनन क्षेत्र के योगदान को रेखांकित किया।


क्रिटिकल मिनरल्स आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण
भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) के उत्तर क्षेत्र के खान नियंत्रक अभय अग्रवाल ने क्रिटिकल एवं सामरिक खनिजों की बढ़ती वैश्विक मांग और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने खनिज संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, संरक्षण तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप वैज्ञानिक नियोजन की आवश्यकता बताई।
खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस), उत्तर क्षेत्र के निदेशक विनोद रजक ने परंपरागत खनन से स्मार्ट माइनिंग तक हुए बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी क्रियान्वयन खनन कार्यों को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के निदेशक संजय सिंह ने राजस्थान की भूवैज्ञानिक संभावनाओं और सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में दुर्लभ मृदा तत्वों के अन्वेषण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों की खोज के साथ उनके निष्कर्षण और प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त तकनीकों का विकास भी जरूरी है।
वहीं, खान एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्थान के अधीक्षण खनि अभियंता डी.पी. गौड़ ने खनिज प्रशासन में डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
पैनल परिचर्चा में सुरक्षित खनन पर जोर
तकनीकी सत्रों के बाद आयोजित पैनल परिचर्चा में खनन क्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों, संसाधन संरक्षण, खनिज सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने स्मार्ट माइनिंग को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा खनन गतिविधियों को अधिक जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की आवश्यकता बताई।
विद्यार्थियों को 36 हजार रुपये की छात्रवृत्तियां
एमईएआई की ओर से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करते हुए यश मालवीय को 21,000 रुपये और सौम्यांशी नागदा को 15,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 36,000 रुपये की छात्रवृत्तियां वितरित की गईं।
इसके अतिरिक्त, भारतीय खनन दिवस के तहत 25 अक्टूबर को आयोजित तकनीकी लेख एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में पांच संस्थानों के 72 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता में सीटीएई, सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग, पेसिफिक विश्वविद्यालय के खनन अभियांत्रिकी विभाग और संगम विश्वविद्यालय के विद्यार्थी शामिल हुए। समारोह में विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 3,100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 2,100 रुपये, तृतीय पुरस्कार के रूप में 1,100 रुपये तथा सांत्वना पुरस्कार के रूप में 500 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी के सुझाव संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे
आयोजन में सहयोग के लिए वंडर सीमेंट, गोलछा एसोसिएटेड ग्रुप, खेतान बिजनेस कॉर्पाेरेशन, जिंदल सॉ लिमिटेड और वोल्के म इंडिया लिमिटेड के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मुख्य वक्ताओं और सहयोगियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
डॉ. हितांशु कौशल ने बताया कि संगोष्ठी में प्रस्तुत विचारों और सुझावों का संकलन कर विस्तृत कार्यवाही विवरण तैयार किया जाएगा, जिसे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संबंधित विभागों और मंत्रालयों को भेजा जाएगा।
चौप्टर अध्यक्ष महेश माथुर ने कहा कि एमईएआई भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी आयोजन जारी रखेगा। आगामी कार्यक्रमों में वन एवं पर्यावरण विभागों के साथ संयुक्त तकनीकी संवाद और संगोष्ठियां आयोजित करने की योजना है। आयोजन में लगभग 100 एमईएआई सदस्यों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.