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101 रुपए में मिलना चाहते हैं भगवान से

BY — October 15, 2012

एक शाम दीक्षार्थियों के नाम आयोजित कवि सम्मेलन में बही धर्म एंव राष्ट्र की प्रभावना

udaipur. आचार्य अभिंनदनसागर महाराज के सनिध्य में आज शाम बीसा हुमड़ भवन में ’एक शाम दीक्षार्थियों के नाम‘ कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें आमंत्रित कवियों ने धर्म एंव राष्ट्र पर कविता पाठ कर कवि सम्मेलन में धर्म एव राष्ट्र की प्रभावना प्रवाहित की जिसकी उपस्थित श्रोताओं ने मुक्त कंठ से सराहना की।

कवियों को सुनने के लिए हुमड़ भवन में हजारों की संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही। देर रात्रि तक चले कवि सम्मेलन में चित्तौडगढ़ के कवि अब्दुल गफ्फार ने अपने कविता पाठ करते हुए कहा कि सत्य साधना सन्निधान में जो सच्चा सुख पाता है,जो आंधी में रहकर भी सच का दीप जलाता है, विश्व शांति का झरना जो निज मुख से बहता है, सिर्फ वहीं जन इस धरती पर सच्चा जैन कहलाता है..,गफ्फार इस कविता के माध्यम से श्रोताओं के मन में गहरी पैठ कर गये।
अजमेर के कवि रास बिहारी गौड ने कविता पाठ करते हुए कहा कि मन्नतों से मुकद्दर नहीं खिलता,इस देश में पार्षद भी पंाच से पहले नहीं मिलता। विधायक, सांसद टीवी पर नजर आते है मिलने के नाम पर,मिल बांट कर खाते है। सरकार 60 साल से लापता है और 101 रूपये में मिलना चाहते है डायरेक्ट भगवान से.., उन्होने कहा कि कोलगेट आया और कोलगेट की राजनीति में सभी राजनीतिक पार्टीयां क्लॉज हो गई। गौड ने इन कविता के जरिए देश की व्यवस्था और राजनेताओं पर कटाक्ष किया जिस पर हर एक श्रोता की खूब दाद दी।
उदयपुर के कवि अशोक सिंघवी ’मंथन ‘ ने कविता पाठ करते हुए कहा कि ’बना कर नीर मन मेरा,क्षीर  सागर बना दो,अभिषेक करूं,मेरी आत्मा का कर्म सारे धो लूं  मुझे महावीर बना दो..‘मोक्ष पथ पर बढ़ चले, एक दिन निर्माण हो, यह भावना है हम सभी की,दीक्षार्थियों का कल्याण हो..’,
भोपाल के कवि डॅा. नरेन्द्र जैन ने कहा कि संतो के पावन चरणों से सारा हिन्दुस्तान बचा है, वरना कश्मीर से दक्षिण तक सारा देश लहु-लुहान हुआ है..,कवियत्री दीपिका माही ने कविता पाठ करते हुए धर्म का ऐसा रंग जमाया कि वह रंग श्रावकों के चेहरे पर बहुत देर तक देखा गया।
सागवाड़ा के कवि छत्रपाल शिवाजी ने कहा कि  कविता कलम की बेटी है, कलमकार का प्यार है,कविता मात्रा की यात्रा है,अक्षर का आकार है। कविता शब्दों की सरिता है, जीवन की झंकार है, कविता हर युग की गीता है उत्सव का आधार है..के जरिए कविता की उपयोगिता प्रदर्शित की।
कवि सम्मेलन के सूत्रधार कवि प्रकाश नागौरी ने ’मैनें अपना जीवन इतना सरल कर लिया,किसी से माफी मांग ली ओर किसी को माफ कर दिया..‘कविता के जरिए महात्मा गांधी के उस ध्येय की ओर इशारा किया कि सत्य और अहिंसा की राह पर चलते हुए हर जंग जीती जा सकती है। प्रचार-प्रसार समिति संयोजक हेमन्त गदिया ने बताया कि कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि युवा समाज सेवी गजेन्द्र आंचलिया,हेमलता आंचलिया थे। समिति की ओर से अतिथियों एंव कवियों का माल्यार्पण कर पगड़ी पहनाकर,शॉल ओढ़ाकर स्वागत एंव अभिनंदन किया गया। इससे पूर्व आचार्यअभिनंदन सागर महाराज एंव ससंघ के सानिध्य में महाआरती का आयोजन किया गया। उन्होनें बताया कि कवि सम्मेलन के नमनकर्ता गोधा,गदिया एंव सेठी परिवार थे।
समिति अध्यक्ष जनकराज सोनी ने बताया कि 16 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन प्रात: 8 बजे भक्तामर विधान का आयोजन होगा। परम संरक्षक शंातिलाल नागदा ने बताया कि प्रतिदिन प्रात:काल जिनेन्द्र भवान का पंचामृत अभिषेक,महाशांतिधारा,पूजा-अर्चना जैसे भक्तिमय वातावरण में सैकड़ो श्रावक शामिल होंगे।
श्री दिगम्बर जैन जागृति महिला मंच की अध्यख अंजना गंगवाल ने बताया कि 16 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन बीसा हुमड़ भवन में गरबा का आयोजन होगा। जिसमें सैकड़ों, महिला-पुरूष, बालक-बालिकाएं भाग लेगी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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