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शास्त्रीय संगीत में झूमे श्रोता

BY — February 16, 2013

बसंत पंचमी पर हनुमान मंदिर में संगीत गोष्ठी

160210Udaipur. जगन्नाथ प्रसाद स्मृति मंच एंव अणुव्रत द्वारा कोर्ट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर में बंसत पंचमी पर कल रात्रि संगीत गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के नवोदित बांसुरी वादक राजेन्द्रसिंह राठौड़ ने राग पूरिया एंव ताल झूमरा से निबद्ध विलम्बित गत, मध्यम एंव द्रुत लय गत त्रिताल में निबद्ध प्रस्तुत कर श्रोताओं को आत्मविभोर कर दिया। इसके साथ ही मिश्रा कलावती की धुन से अपने वादन को विराम दिया।

तत्पश्चात मुख्य कलाकार शहर की वरिष्ठ  गायिका विजयलक्ष्मी दवे ने राग मधुवन्ती ने विलम्बित एकताल में निबद्ध खयाल ‘ए लाल के नैना अंजन सोहे’ से अपने गायन की शुरुआत कवि द्रुत तीन ताल में निबद्ध रचना ‘ना माने सखी’ प्रस्तुति श्रोताओं से तालियों की दाद मिली। अंत में द्रुत एक ताल में निबद्ध राग बसन्त बहार की रचना ‘केतकी गुलाब जूही’ प्रसतुत की श्रोताओं को आनन्दित कर दिया। तबला पर संगत अखिलेश शर्मा अशोक राव ने तथा हारमोनियम पर ओम टांक ने की।
160211कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा नेता धर्मनारायण जोशी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को सहेज कर रखने पर बल देते हुए साधनारत कलाकारों को धन्यवाद दिया। विशिष्टो अतिथि सुखलाल लौहार एंव पार्षद दुर्गेश शर्मा थे। संचालन शलभ नागौरी ने किया। प्रारम्भ में शम्पा के भजन गायन तथा अखिलेश शर्मा व ओम टांक के श्रृद्धांजलि गीत से हुआ।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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