अप्रवासी आईटी उद्यमी रवि कोका का उद्बोधन
उदयपुर। यह डिजिटल युग है। इनफोर्मेषन टेक्नोलॉजी ने सूचनाओं, जानकारियों, ज्ञान, बाजार, व्यवसाय सभी का लोकतांत्रिकरण कर दिया है। इससे युवा वर्ग के लिये गैर पारंपरिक व्यवसायों, नौकरियों में अवसरों की अपार संभावनाएँ पैदा हुई है। युवा पीढ़ी मजबूत जीजिविषा, जुनून एवं स्पष्ट लक्ष्य के साथ कदम बढ़ाये तो सम्पूर्ण विश्वय उन्हें अवसर प्रदान करने के लिए तैयार बैठा है।
ये विचार अमरीका के प्रसिद्ध आईटी उद्यमी अप्रवासी भारतीय रवि कोका ने विद्या भवन पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के वार्षिक समारोह में व्यक्त किये। संचार सहित अन्य डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से ग्रामीण विकास, आर्थिक स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण तथा व्यापक सामाजिक, आर्थिक प्रगति पर अन्तर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ रवि कोका ने कहा कि भारत में 70 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं। इंटरनेट सेवाओं का विस्तार हो रहा है। ऐसे में ज्ञान व श्रम की संपदा एवं अल्प निवेष के साथ युवा वर्ग स्वउद्यमी बन सकते हैं।
कोका ने कहा कि 1985 के बाद पैदा हुई पीढ़ी मिलेनियम जनरेशन है। इस शताब्दी पीढ़ी को सूचनाओं व ज्ञान की सरल उपलब्धता है। यह पीढ़ी सूचना एवं संचार तकनीकी के उपयोग से किसानों सहित हर व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार ला सकती है तथा अर्थ व्यवस्था को नई ऊँचाईयों पर पहुंचा सकती है। कोका ने कहा कि वे अपनी विषेषज्ञता एवं अनुभव युवा विद्यार्थियों के साथ साझा करना चाहते हैं एवं हर संभव मदद के लिये तत्पर हैं। विद्यार्थियों ने मानवीय दृष्टिकोण एवं सहज, सरल एवं आधुनिकों से देश दुनिया के विकास का संकल्प व्यक्त किया एवं अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्राचार्य अनिल मेहता ने विश्वाकस व्यक्त किया कि युवा वर्ग का विभिन्न तकनीकों में हुनर प्रशिक्षण करने से देश मजबूत बनेगा। कार्यक्रम में रियाज तहसीन, बीएल मंत्री, ज्ञानप्रकाश सोनी, हेमराज भाटी, प्रसून कुमार, डा. आनंद सिंह जोधा, डा. टीपी शर्मा, आईएच काजी, ने स्किल डवलपमेन्ट के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। संचालन प्रकाश सुन्दरम् एवं गोरांग शर्मा ने किया।








