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विरासत संरक्षण में विद्यापीठ का काम सराहनीय

BY — November 21, 2016

एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत विद्यापीठ पहुंची दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की टीम

211101उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के विभिन्न विषयों के प्रोफेसर की टीम ने कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत से मिलकर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आपसी चर्चा की।

टीम प्रभारी प्रो. मनीला एवं उनके द्वारा आये दल ने साहित्य संस्थान द्वारा स्थापित हॉल हॉफ एक्सीलेंस को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया कि विद्यापीठ विश्वविद्यालय का जीवंत विरासत संरक्षण की जो पहल की है वह अन्य किसी विश्वविद्यालय में देखने को नहीं मिलती है। वर्तमान के 4जी तथा तकनीकी युग में भी यहां पर वर्तमान से लेकर आधुनिक युग तक मानव उत्पत्ति से लेकर विकासकाल का संग्रहर्ण अिद्वतिय है। कहा जा सकता है कि विरासत संरक्षण ओर मानव कडियों को जोडने में विद्यापीठ का जवाब नहीं। उन्होने कहा कि संग्रहालय में पाषाण काल से मध्ययुगीन सभ्यताएं कैसी थी, लोग कैसे रहते थे, कैसे औजारों का इस्तेमाल करते थे, क्या पहनते थे, आदि की जानकारी वहां पाए गए अवशेषों के माध्यम से पता चलती है।
211102गांवो में सामाजिक बदलाव को भी देखा : डॉ. युवराज सिंह राठौड़ ने बताया कि दल ने विद्यापीठ के द्वारा साकरोदा, डबोक, कानपुर के सन्टर को देखा एवं उनके द्वारा  गांवों में किये जा रहे कार्यो की सराहना की। विद्यापीठ द्वारा किये जा रहे सामाजिक आर्थिक बदलाव ओर कारणों सफाई स्वास्थ एवं शिक्षा आदि में किये जा रहे कार्यों को देखा और सराहा। सूचना के अधिकार, शिक्षा का अधिकार अन्य सहकारी योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देखी।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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