उदयपुर। डाॅक्टर्स के लिए अग्रणी हेल्थकेयर नेटवर्किंग एप क्यूरोफाई ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ मिलकर कंटीन्युअस मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) के तहत उदयपुर में डाॅक्टर्स केे लिए शोर्यगढ़ पैलेस में एक सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें 180 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया।
सेमिनार में बालेते हुए डर्मेटोलाॅजिस्ट एण्ड हेयर ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डाॅ. प्रशांत अग्रवाल ने ‘द काॅन्सेप्ट आॅफ ट्राइकोलाॅजी‘ के बारें में जानकारी दी। समय-समय डाॅक्टर्स और हेल्थकेयर से जुड़े अन्य प्रोफेशनल्स के लिए नई स्किल्स सीखने और मरीजों की बेहतर देखभाल में निपुणता हासिल करने के लिये सीएमई का आयोजन किया जाता है।
इस कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जोधपुर ब्रांच के सचिव डाॅ. आनंद गुप्ता ने कहा क्यूरोफाई की ओर से आयोजित किए जाने वाले सीएमई का एज्यूकेशन पर बहुत जोर रहता है। डाॅक्टर्स का इतना मजबूत नेटवर्क तैयार करने के लिए क्यूरोफाई का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इस तरह के नेटवर्क न केवल सतत् शिक्षा के नजरिए से आज की जरूरत हैं बल्कि डाॅक्टर्स की रोजाना की जिंदगी में आने वाले संघर्षों से निपटने में भी मददगार हैं।
इस सेमिनार में बोलते हुए डाॅ. दीक्षा ने कहा कि वर्तमान समय में काॅस्मेटिक्स और बनावटी सौंदर्य की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इस पर अधिक ज्ञानार्जन की आवश्यकता है ताकि साईड इफेक्ट्स से दूर रहा जा सके। इसमें डाॅ. प्रशांत अग्रवाल काफी काम कर रहे है।
इस तरह की सेमिनार के जरिए क्यूरोफाई का उद्देश्य डाॅक्टर्स में जानकारी बढ़ाकर न केवल उनके बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाना है बल्कि इस तरह की मेडिकल सीएमई में डिजिटल उपयोग को बढ़ावा देना भी है ताकि देशभर के डाॅक्टर्स उदयपुर में होने वाले आयोजन से ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सकें।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भारत में चिकित्सा की आधुनिक वैज्ञानिक प्रणाली के डाॅक्टर्स का एक राष्ट्रीय स्वैच्छिक संगठन है, जो डाॅक्टर्स के हितों और समाज के स्वास्थ्य के लिए काम करता है। दूसरी तरफ, क्यूरोफाई डाॅक्टर्स का एक नेटवर्किंग एप है जो डाॅक्टर्स को एक दूसरे से जोड़ने, मेडिकल परामर्श लेने, सैकंड ओपीनियन लेने, अपनी जरूरतें पोस्ट करने और चिकित्सा के क्षेत्र में नई सूचनाएं पढ़ने और साझा करने का मंच है। क्यूरोफाई के प्लेटफाॅर्म से देशभर के 3,00,000 से भी ज्यादा डाॅक्टर्स जुड़े हुए हैं और गूगल, फाइज़र, सीएनबीसी आदि क्यूरोफाई के काम की प्रशंसा कर चुके हैं।










