वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के सहयोग में जिंक परिवार के 1600 से अधिक सदस्य बने प्रतिभागी

BY — October 14, 2022

रन फार जीरो हंगर अभियान के तहत् 10 लाख को भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प
वेदांता समूह की कंपनी और जस्ता, सीसा और चांदी की देश की सबसे बडी और एकमात्र एकीकृत उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक परिवार के सदस्यों ने रविवार को होने वाले वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के लिये अपनी सहभागिता की। रन फाॅर जीरो हंगर अभियान के तहत् 10 लाख को भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प के तहत् प्री रन का आयोजन हिन्दुस्तान जिंक की संचालन इकाईयों में किया गया।

इस प्री-रन में 1600 से अधिक लोगों ने हिस्सा लेते हुए 48451 किमी दौड़कर 48000 से अधिक बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने में योगदान दिया। समुदाय को पुनः लौटाने के कंपनी के सिद्धांत के अनुरूप, इस मैराथन में हिंदुस्तान जिंक ने नंदघर परियोजना के बाल कुपोषण को खत्म करने के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए अपनी महती भूमिका निभायी।
इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि “जिंक परिवार ने जीरो हंगर के पुनीत अभियान में सहभागिता कर वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन से पूर्व आयोजित प्री-रन में 48000 से अधिक लोगो को भोजन उपलब्ध कराने में योगदान दिया है। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आगे आना और अपना योगदान देना अनिवार्य है। यह अनूठा अभियान वेदांता और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सिद्धांतो के अनूरूप है और समुदायों की एक साथ आने की भावना का प्रतीक है। ”
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में 45,000 से अधिक प्रतिभागी होंगे, जिनमें से 25 प्रतिशत महिलाएं होंगी। ऑन-ग्राउंड रेस और वर्चुअल रन में इसके प्रतिभागियों द्वारा चलाए जा रहे प्रत्येक किलोमीटर के लिए, फ्लैगशिप सीएसआर परियोजना नंदघर के बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जाएगा।
मैराथन पर अपने विचार साझा करते हुए, वेदांता लिमिटेड की नाॅन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, प्रिया अग्रवाल ने कहा कि ‘कुपोषण मुक्त भारत बनाने की हमारी प्रतिबद्धता के एक हिस्से के रूप में, हमारे नंद घर 7 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन को सकारात्म रूप से प्रभावित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए हम सभी रन फाॅर जीरो हंगर अभियान के लिये आमंत्रित कर रहे है।
नंद घर वेदांता की प्रमुख आंगनवाड़ी परियोजना है जिसका उद्देश्य बाल कुपोषण को मिटाना, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना और कौशल विकास के साथ महिलाओं को सशक्त बनाना है। नंद घर पहल की सहायता के लिए, 3145 खुशी आंगनवाड़ियों में से 314 केंद्रों को शिक्षा केंद्र बनाया गया है। इस सीएसआर पहल ने देश भर में 7 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन को लाभान्वित किया है। प्री रन में हिन्दुस्तान जिं़क की सीएसआर परियोजना में संचालित शिक्षा संबल, कौशल विकास, सखी,समाधान और जिं़क फुटबाॅल अकादमी के लाभार्थियों के साथ-साथ एनजीओ पार्टनर और सीएसआर कोऑर्डिनेटर ने भी इसमें भाग लेकर अपना योगदान दिया।
दिल्ली हाफ मैराथन में 268,000 डॉलर की पुरस्कार राशि है, और अंतरराष्ट्रीय विजेता को 27,000 डॉलर मिलेंगे, जबकि भारतीय विजेता को 3,50,000 रुपये का पुरस्कार मिलेगा। मैराथन में सभी आयु समूहों के लिए पुरस्कार राशि है।

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doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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