उदयपुर। हैदराबाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय चेस्ट सम्मेलन ‘ब्रोंकस-2025‘ में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल,उदयपुर के प्रख्यात टीबी एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल लुहाड़िया को प्रतिष्ठित फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के नामचीन फेफड़े और श्वसन संबंधी रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, नवीनतम शोध एवं उपचार तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस सम्मेलन में डॉ.अतुल लुहाड़िया ने इटली के डॉ.वेनेरिनो पौलेटी और स्विट्जरलैंड के डॉ.जूर्गन हेटजेल के साथ मिलकर ब्रोंकोस्कॉपी क्रायो एवं इलेक्ट्रो-सर्जिकल प्रोसीजर पर विशेष चर्चा की। यह प्रक्रिया आधुनिक फेफड़ा रोग चिकित्सा में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है और अब इसे विभिन्न जटिल मामलों में उपयोग किया जा रहा है।
डॉ.अतुल ने बताया कि ब्रोंकोस्कॉपी क्रायो प्रक्रिया एक उन्नत न्यूनतम इनवेसिव तकनीक (Minimally Invasive Technique) है, जिसमें ठंडी गैस (क्रायोथेरेपी) का उपयोग करके फेफड़ों या श्वसन नलिका (एयरवे) में मौजूद असामान्य ऊतकों (टिशू),ट्यूमर,रक्त के थक्कों या फॉरेन बॉडी को हटाया जाता है। यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन मरीजों के लिए लाभकारी है जिनके फेफड़ों में जटिल समस्याएं होती हैं और पारंपरिक तरीकों से उपचार कठिन होता है।









