डॉक्टरों ने लेजर तकनीक से गुर्दे की दो नलियों से निकालीं 8 पत्थरियाँ
उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विभाग ने एक 59 वर्षीय महिला की दुर्लभ जन्मजात बीमारी का सफलतापूर्वक इलाज कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। महिला के बाएं गुर्दे में जन्म से ही दो नलियां थीं, जिनमें फंसी 8 पत्थरियों को लेजर तकनीक के जरिए बिना किसी बड़े चीरे के बाहर निकाला गया। इस सफल ऑपरेशन में यूरोलॉजिस्ट डॉ. क्षितिज रॉका, डॉ. गोविन्द, निश्चेतना विभाग के डॉ. प्रकाश औदिच्य, डॉ. अनिल, सुभाष शर्मा, घनश्याम नागर,सुरेश छीपा एवं टीम का सहयोग रहा। दरअसल 59 बर्षीय इस मरीज को पिछले एक महीने से कमर के बाएं हिस्से में हो रहे रुक-रुक कर असहनीय दर्द से परेशान थी। परिजनो ने स्थानीय चिकित्सक को जगह दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परिजन मरीज को पीएमसीएच लेकर आए यहॉ यूरोलॉजिस्ट डॉ.क्षितिज रॉका को दिखाया तो मरीज को सीटी स्कैन की सलाह दी। सीटी स्कैन रिपोर्ट में एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति लेफ्ट डुप्लेक्स कलेक्टिंग सिस्टम का पता चला।

यूरोलॉजिस्ट डॉ.क्षितिज रॉका ने बताया कि सामान्यतः शरीर में प्रत्येक गुर्दे से मूत्र ले जाने के लिए एक ही नली (यूरेटर) होती है, लेकिन इस महिला के बाएं गुर्दे में जन्म से ही दो नलियां मौजूद थीं। इसके साथ ही वह लेफ्ट यूरेट्रोसील से भी ग्रसित थी, जिसमें नली का निचला हिस्सा गुब्बारे की तरह फूल गया था और उसमें 7 से 8 पत्थरियाँ फंसी हुई थीं। चिकित्सकों ने मरीज की उम्र और स्थिति की जटिलता को देखते हुए ओपन सर्जरी के बजाय एंडोस्कोपिक यूरेटेरोस्कोपी करने का निर्णय लिया। इस सर्जरी में पहले लेजर की मदद से सूजे हुए यूरेट्रोसील में सूक्ष्म चीरा लगाया गया और इसके बाद एक पतले कैमरे (एंडोस्कोप) के जरिए नली में प्रवेश कर सभी 8 पत्थरियों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया। डॉ.क्षितिज रॉका ने बताया कि यह एक जन्मजात बीमारी है जो आबादी के केवल 1 से 2 प्रतिशत लोगों में पाई जाती है। अक्सर इसका पता तब चलता है जब संक्रमण या पत्थरी के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है।
चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने कहा कि मरीज का स्वस्थ होना ही हमारे लिए वास्तविक पुरस्कार है। हमारा उद्देश्य मेवाड़ क्षेत्र के मरीजों को किफायती दरों पर गंभीर बीमारियों का उच्च स्तरीय उपचार प्रदान करना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए महानगरों की ओर न जाना पड़े। पीएमसीएच में हम सर्वाेत्तम इलाज और अटूट विश्वास के साथ जन-सेवा के प्रति सदैव समर्पित हैं। ऑपरेशन के बाद महिला अब पूर्णतः स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। महिला और उनके परिजनों ने पीएमसीएच के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है।













