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Tag: jain muni

चिता जलाने से पहले चरित्र जान लें – सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 12, 2012

udaipur. अर्थी उठने से पहले जीवन के अर्थ को समझ लेना चाहिये। मृत्यु की कोई तारीख निश्चित नहीं…

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दुखों की जड़ है राग-द्वेष : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 11, 2012

उदयपुर। संसार दुखों का सागर है। प्रत्येक व्यक्ति इस दुखों के सागर से पार पाना चाहता है, लेकिन…

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पूर्णावतार थे श्रीकृष्ण : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 10, 2012

udaipur. भगवान की जय-जयकार का गूंजायमान करने मात्र से ही हम सच्चे भक्त नहीं बन सकते। उसके लिए…

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समय की कीमत पहचानें : सुकुमालनंदी

BY ADMIN • August 9, 2012

udaipur. समय का चक्र निरन्तर चलता रहता है, समय अपनी गति से प्रवाहमान हैं। इंसान  बचपन,जवानी व बुढ़ापा…

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बनना है तो नींव बनो कंगूरा नहीं: सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 8, 2012

उदयपुर। फूल और मूल में फूल सभी को फूल दिखाई देता है फूल सभी को हर्षित करता है…

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कषायों पर विजय पाने वाला ईश्वर के समान : सुकुमालनंदी

BY ADMIN • August 6, 2012

udaipur. आत्मा एक और कषाय चार है लेकिन जब आत्मा अपने में होती है तो कषाय भी उसका…

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सच्चा मित्र भगवान का रूप : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 5, 2012

udaipur. इस संसार में प्रत्येक जीव के कई मित्र होते हैं। यह अलग बात है कि कोई मित्र…

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पहले स्वयं को सुधारो: सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • August 4, 2012

उदयपुर। प्रत्येक व्यक्ति अपने को सुधारने के बजाय दूसरों का सुधारना चाहता है। इंसान सौ फीसदी दूसरों को…

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आत्मा को देवता घर को स्वर्ग बनाएं : सुकुमालनन्दी

BY ADMIN • July 31, 2012

udaipur. श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर सेक्टर 11 में आयोजित प्रात:कालीन चातुर्मासिक धर्मसभा के दौरान मंगलवार को  आचार्य…

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वोट और नोट नहीं, जीवन की खोट दे दो

BY ADMIN • July 31, 2012

कारागृह में प्रवचन udaipur. साध्वी ममताश्री ने कहा कि मानव जीवन बहुत अमूल्य है। यह हमारा सौभाग्य है…

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