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राष्ट्रीय सेमीनार कल से, देश भर से जुटेंगे 400 खनन विशेषज्ञ

| July 5, 2017 | 0 Comments

भारत में वर्तमान खनन एवं पर्यावरणीय पर

उदयपुर। माइनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया एवं कालेज ऑफ टेक्नोलाजी एण्ड इंजीनियरिंग के तत्वाधान में 7 जुलाई से कालेज ऑफ टेक्नालोजी के एवीपी सभागार में भारत में वर्तमान खनन एवं पर्यावरणीय मुद्दे विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, विशिष्ठ अतिथि राज्य के खान मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह ’टीटी‘, राजसमन्द के सांसद हरिओम सिंह राठौड़, उदयपुर के संासद अर्जुनलाल मीणा, एमपीयूएटी के कुलपति प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा, पेट्रोलियम एवं माईन्स की राज्य की प्रमुख सचिव अपर्णा अरोडा, हिजिंलि के सीईओ सुनील दुग्गल एवं भारतीय खान ब्यूरो के खान महानियंत्रक रंजन सहाय होंगे जबकि अध्यक्षता माइनिंग इंजिनियर्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष टी. विक्टर करेंगे। सहाय सेमीनार में की-नोट उद्बोधन भी देंगे।
सेमिनार के समन्वयक एवं सीटाएई कॉलेज के डीन डॉ. एसएस राठौड़ ने यहां आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि उद्घाटन सत्र 7 जुलाई को सायं 5 बजे आयोजित होगा। इसी दिन खान एवं भू-विज्ञान के पूर्व निदेशक अरूण कोठारी माईनिंग इंजिनियर्स एसोशिऐशन ऑफ इण्डिया वर्ष 2017-19 के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेगे तथा नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शप्थग्रहण समारोह आयोजित होगा। यह राष्ट्रीय सेमीनार माईनिंग इंजिनियर्स एसोशिऐशन ऑफ इण्डिया के हीरक जंयती समारोह के साथ ही आयोजित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 7 जुलाई को उद्धाटन सत्र से पूर्व माईनिंग इंजिनियर्स एसोशिऐशन की कौंसिल मिटींग, वार्षिक आमसभा के बाद सीटीएई परिसर में विशाल पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में खनन उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान है। खनन उद्योग के सफल संचालन हेतु केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समय समय पर खनन नीति के द्वारा नियमों, उपनियमों इत्यादि में संशोधन किये जाते रहे है। इसके बावजूद देश में अनेक बार खनन कार्यो में रूकावट आती रही है। इसके पीछे पर्यावरण क्लियरेंस में देरी, कोर्ट केसेज, खनन नियमावली में बाधाऐं आदि मुख्य कारण रहे है जिस कारण देश की आर्थिक प्रगति एवं विकास में अवरोध उत्पन्न हुआ है।
इस अवसर पर डॉ. अरूण कोठारी ने बताया कि खनन कार्य में बाधा उत्पन्न होने से खनिज आधारित उद्योगो को अपने उत्पादन को जारी रखने के लिए बाहर के देशो से खनिज आयात करना पड़ता है और देश की उत्पादन क्षमता घटती है। अतः जरूरत इस बात की है कि खनन उद्योग निर्बाध रूप से उत्पादन की ओर अग्रसर होता रहे और काम किसी भी दृष्टि या कारण से रूके नही। इन्ही सब बातांे को ध्यान में रखकर खनन नियमावली में समय समय पर उपयुक्त संशोधनो की आवश्यकता रहती है, साथ ही पर्यावरण प्रभाव का भी वास्तविक दृष्टि कोण से अंाकलन की आवश्यकता है। खनन उद्योग से हवा, पानी, वातावरण इत्यादि में प्रदुषण के प्रभाव एवं खनन उद्योग से सामाजिक उत्थान विषयों का गहन विश्लेषण आवश्यक हो जाता है।
आयोजन सचिव डॉ. एस.सी.जैन ने बताया कि सेमिनार में विभिन्न राज्यों के खान निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी भी अपने-अपने राज्यों में अप्रधान खनिजो के सन्दर्भ में किये गये प्रावधानांे एवं नितियो पर अपने विचार रखेंगें। इससे अन्य राज्यांे को अपनी नीति निर्धारण में सुविधा होगी एवं खनन उद्योग के सर्वांगिण विकास को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जा सकेगी। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए उक्त सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।
सेमिनार में भारत सरकार के खान सुरक्षा विभाग, भारतीय खान ब्युरो, पर्यावरण एवं वन विभाग तथा विभिन्न राज्य सरकारों के खान एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारी भाग लेंगे और समस्याओं के निराकरण हेतु अपने विचार व्यक्त करेंगे। यह राष्ट्रीय सेमिनार खनन उद्योग के उद्योगपतियों, इंजिनियरों, खान मालिकों, योजनाकारों, शिक्षाविदो, भूगर्भ एवं पर्यावरणविदों इत्यादि को समान रूप से गहन चिंतन मनन हेतु एक सेतु का कार्य करेगा। इससे निश्चित रूप से खनन उद्योग को संचालन हेतु नए आयाम एवं मार्ग दर्शन मिलेगा। सेमिनार मंे मुख्य विषय के साथ ही विभिन्न उप विषयों माईनिंग रूल्स/रेगुलेशन/बाई-लॉज में अभी अभी हुए परिवर्तन एवं उनका खनन उद्योग पर प्रभाव,खनन की चुनौतियां, तकनिकी एवं एडवांसमेन्ट, एवं केस स्टडी,पर्यावरणीय मुद्दे-माइनर एवं मेजर मिनरल्स के संदर्भ में,खान संचालन में रेगुलेटरी बाधाएं,पर्यावरण एवं फोरेस्ट क्लियरेंस से संबंधित मुद्दे,खनन एवं प्रोसेसिंग इकाईयों के संदर्भ में मानव स्वास्थ्य के मुद्दे,रिन्यूऐबल उर्जा स्त्रोंतो का खनन उद्योग में उपयोग,खनन क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रेक्टिस से रिलेटेड केस स्टडी पर भी मंथन एवं 8 व 9 जुलाई को विभिन्न तकनिकी सत्रों में 25 पत्र वाचन किये जाऐंगे। पोस्टर सेशन में 15 पत्र रखे गए है।
सेमिनार में देश भर से विषय विशेषज्ञो के साथ-साथ खनन उद्योग से जुड़े हुए 400 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। सेमिनार के अंतिम दिन 09 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे से सेमिनार का समापन समारोह होगा, जिसके मुख्य अतिथि केन्द्रीय खान सचिव आईएएस अरूण कुमार मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथि कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. दशोरा,खान एवं भू विज्ञान विभाग के निदेशक डी. एस. मारू एवं प्रो. बी. बी. धर होंगे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण कोठारी करेंगे। प्रो. धर सेमिनार के दौरान किये गए पत्र वाचन के अनुरूप अनुशंसाएं के बारे में भी बताएंगे।

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