ध्यान नहीं दिया तो ये हाल न हो जाये!

BY — September 29, 2011
श्वेत-श्याम चित्र जब बरसात के अभाव में पीछोला का पेटा उघड आया था. यह फोटो वरिष्ठ पत्रकार संजय गोठवाल ने हमें उपलब्ध कराया है.

उदयपुर. झीलें भर कर इस वर्ष इन्द्रदेव ने सभी की मुरादें पूरी कर दी हैं लेकिन इसमें लगातार कचरा डालने वाले, जलकुम्भी से सावधान रहना होगा अन्यथा भगवान न करे कहीं वापस पहले जैसे हालत देखने पड़ें. उस दौरान पीछोला झील का पेटा उघड आया था.वहां बग्घी में बिठा कर पर्यटकों को लेक पैलेस तक ले जाया जाता था. झीलों से जलकुम्भी निकालने में मदद करें. झीलों को साफ़ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है.

गुरुवार को नगर परिषद ने कुछ श्रमिक लगा कर जरूर जलकुम्भी निकलवाई. भरी हुई झीलें हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. गणगौर घाट किनारे आराम करते एक विदेशी को यह माहौल इतना भाया कि वह वहीँ लेट गया ओर अपनी किताब निकाल कर पढ़ने लगा.

गुरुवार को स्वरुप सागर की नई पुलिया से जल कुम्भी निकालते श्रमिक.
पीछोला किनारे गणगौर घाट पर बैठे पर्यटक को इतना आनंद आया कि वहीँ लेट कर किताब पढ़ने में मशगूल हो गया. पीछे दिखता उदयपुर का सिटी पैलेस.
Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *