आँखें निकाल कर डराया बहुत

BY — October 6, 2011

– लेकिन हुआ मिट्टी में ख़ाक

उदयपुर के गांधी ग्राऊंड में राख होती सोने की लंका

उदयपुर (udaipurnews). पहले उसने आँखें निकाली, फिर चिंगारियां बरसाई, उसकी नाभि से अमृत रुपी आतिशी रोशनी निकली ओर फिर धू-धू करके रावण ख़ाक में मिल गया. इससे पहले हनुमानजी ने लंका दहन किया.

सबसे पहले शिकार बना कुम्भकर्ण.
फिर नंबर आया मेघनाथ का.
फिर लगा रावण का नम्बर. जब भगवान श्री राम ने रावण की नाभि में तीर चलाया तो पहले आतिशी रोशनी निकली.
इससे पहले मैदान में विराजित राम, लक्ष्मण ओर हनुमान.
भगवन राम की पूजा करते शहर विधायक गुलाब चंद कटारिया.
इस दौरान हुई आतिश बाजी के दृश्य.
हुई भव्य आतिशबाजी.

 

श्रद्धालुओं ने सियापति रामचंद्र की जय, पवन पुत्र हनुमान की जय के नारे लगाये.यह मौका था उदयपुर के भंडारी दर्शाप मंडप का जहाँ देश भर में मनाये गए विजय दशमी पर्व के तहत यहाँ भी रावण दहन हो रहा था.
इससे पूर्व शक्ति नगर स्थित सनातन मंदिर से दोपहर करीब ३ बजे शोभायात्रा निकाली गई. भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान बने पात्रों ने आराधना की. दहन से पूर्व शहर विधायक गुलाब चंद कटारिया ने भगवान राम का तिलक किया. इस अवसर पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे.

शोभा यात्रा शास्त्री सर्कल, बांस वाली गली, टाउन हॉल, सूरजपोल, बापू बाज़ार, देहली गेट, अश्विनी बाज़ार होते हुए गांधी ग्राउंड पहुँची. वहां मैदान पर राउंड लगाने के बाद राम का विजय तिलक किया गया. १२० फीट लंबी लंका के दहन से पूर्व आतिशबाजी की गई.
श्री सनातन धर्म सेवा समिति के संयोजक गुरमुख कस्तूरी ने बताया कि इस बार ६५ फीट लंबा रावण और ५५-५५ फीट लंबे कुम्भकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाये गए थे. इस अवसर पर निकाली गई झांकियों में नारायण सेवा संस्थान की झांकी को प्रथम पुरस्कार दिया गया.

सभी फोटो : कैलाश टांक

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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