न कानून-न कायदा, भूमि दलाली में फायदा ही फायदा

BY — November 14, 2011

संपादन छोड़ भूमि दलाली शुरू

udaipur. संपादन छोड़ भूमि दलाली में उतरे संपादक महोदय ने सरकार को चूना लगाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है. ;यहाँ जेहन में यह प्रश्न उठता है कि क्या सरकार का निर्माण चूने से हुआ है जो सरकार के लचीले नियमों का फायदा उठाकर हर कोई उसे चूना लगाकर मजबूत करने के बजाय कमजोर करने पर तुला हुआ है. संपादक महोदय ने भी उन्होंने सरकार के लचीले नियमों का भरपूर फायदा उठाया है. वे ही क्या, अमूमन रजिस्ट्री कराने वाला हर भूमि दलाल अथवा सामान्य आदमी सरकार के इन नियमों का भरपूर फायदा उठा रहा है. सरकारी नियमानुसार न्यूनतम डीएलसी दर पर रजिस्ट्री करानी आवश्यक होती है, लेकिन डीएलसी दरों पर यदि कोई किसी जग्ग जमीन लेने चला जाये तो डीएलसी तो दूर, डीएलसी से तिगुनी और चौगुनी दर पर भी जमीन नहीं मिलती. क्या यही सरकारी नियम हैं.
संपादकजी ने भी सरकारी लचीले नियमों का भरपूर फायदा उठाया. इन्होने ये प्लाट काटे हैं जिले की गिर्वा तहसील के नाई पटवार मंडल में. कुल जमीन पर काटे गए 40 X 60 यानी 2400 वर्ग फीट के 24 प्लाट और 50 X 100 वर्गफीट के 20 प्लाट यानि कुल 1 लाख 57 हज़ार 600 वर्ग फीट जमीन पर सौदे हुए. नक़्शे में दर्शायी गई ६० फीट चौड़ी सड़क की इस जमीन की अगर डीएलसी दर 80 रुपये से गणित लगाई जाये तो यह राशि करीब सवा करोड रुपये सरकार के खाते में जमा कराई जानी चाहिए थी जबकि इसके मुकाबले 50 रुपये से रजिस्ट्री कराकर करीब 48 लाख रुपये के राजस्व (स्टाम्प ड्यूटी) की चोरी की गई.
आश्चर्य की बात यह कि 80 रुपये प्रति वर्ग फीट में उक्त स्थान पर अगर कोई जमीन खरीदने जाएँ तो वहां के लोग उसे पागल समझेंगे. क्योंकि इस क्षेत्र में जमीन की अति न्यूनतम दर 200 रुपये भी यदि मानी जाये तो यह राशि करीब 3 करोड 20 लाख बैठती है. इसमें से सरकारी दर डीएलसी दर 80  रुपये निर्धारित होने के बावजूद 50 रुपये प्रति वर्गफीट से विभाग ने रजिस्ट्री कर दी.
अगर 2400 वर्गफीट वाले 24 प्लाट लें तो उन पर डीएलसी दर से करीब 17 लाख 28 हज़ार रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चोरी की गई और मार्केट दर से यह करीब 86 लाख 40 हज़ार रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चोरी की गई.
अगर 5000 वर्गफीट वाले 20 प्लाट लें तो उन पर डीएलसी दर से करीब तीस लाख रुपये और मार्केट दर से करीब डेढ़ करोड रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चोरी की गई.
अब रही बात चोरी की गई स्टाम्प ड्यूटी वसूलने की तो वह वसूले कौन? क्योंकि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से लेकर क्रेता-विक्रेता सभी इस हमाम में नंगे हैं.
इसके आगे समाचार तो और भी हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो ही हम ऐसे सफ़ेदपोश लोगों के समाचार प्रसारित करेंगे. अपनी पसंद/नापसंद कमेन्ट में जरूर डालें.
udaipur news

udaipurnews

Print Friendly, PDF & Email
admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *