रचनाकार संवेदनाएं जगाकर देश बनाएं : वेदव्यास

BY — December 24, 2011

रीना मेनारिया की कथा कृति ‘लगाव का रिश्ता’ लोकार्पित

राजस्थान साहित्य अकादमी में रीना मेनारिया की ‘लगाव का रिश्ता’ पुस्तक लोकार्पित करते वेद व्यास, डॉ. महेन्द्र भानावत, डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, प्रो. भवानीशंकर शर्मा, महेन्द्र मेनारिया।

udaipur. युवा रचनाकारों को अपनी संवेदनाएं जागृत कर नए भारत का निर्माण करना होगा। यह बात राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष वेदव्यास ने लेखिका रीना मेनारिया लिखित ‘लगाव का रिश्ता’ कहानी संग्रह के गुरुवार को लोकार्पण पर कही। अकादमी में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में वेद व्यास ने कहा कि लेखिका रीना ने समकालीन समाज की समता व विसंगतियों को कहानियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। विशिष्ट अतिथि लोककलाविद् डॉ. महेंद्र भानावत ने कहा कि लेखिका रीना ने भारतीय जीवन पद्धति और बनते-बिगड़ते सरोकारों को अपनी कहानियों के माध्यम से अनुभव जनित तीक्ष्णता की अभिव्यक्ति दी है, इससे उनके लेखन में एक बड़ी लेखन प्रतिभा के दर्शन होते हैं।
ललित कला अकादमी के अध्यक्ष प्रो. भवानी शंकर शर्मा ने युवा लेखकों को अपनी सृजन क्षमता में नैरंतर्य बनाए रखने की अपील की और पुस्तक लगाव का रिश्ता की शैली और शिल्प पर प्रकाश डाला। लेखिका रीना मेनारिया ने अपने रचनाकर्म पर रोशनी डालते हुए कहा कि चारित्रिक लोककथाएं पुस्तक के बाद प्रकाशित मेरा यह संग्रह मेरे जीवंत अनुभवों का सृजनात्मक पड़ाव ही कहा जाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. रजनी कुलश्रेष्ठ, डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू, महेंद्र मेनारिया, कनक जोशी आदि भी उपस्थित थे।

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