आज भी प्रशिक्षु की तरह जीता हूं : शर्मा

BY — April 29, 2012
address vice chancellor I.V.trivedi

उदयपुर। ललित कला अकादमी नई दिल्ली की ओर से कला क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने सुरेश शर्मा को रत्न सदस्यता से विभूषित करने मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में सम्मान समारोह का आयोजन कर रत्न सदस्यता से विभूषित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि अकादमी के चेयरमैन बालन नाम्बियार ने ललित कला अकादमी की ओर से सुरेश शर्मा को कला के क्षैत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मान पूर्वक धन्यवाद दिया। समारोह के विशिष्ट अतिथि पद्मभूषण ए. रामचंद्रन ने भी कला के क्षैत्र में बढ़ते आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। समारोह की अध्यक्षता प्रो. आई.वी. त्रिवेदी कुलपति सुविवि ने की। इस अवसर पर सुरेश शर्मा द्वारा बनाई गई कृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन भी बोगनवेलिया आर्ट गैलेरी में शाम 6 बजे से किया गया।

मंचासीन अतिथि।

ललित कला अकादमी द्वारा विभिन्न कला क्षेत्रों में यह सम्मान प्रति वर्ष एक ही कलाकार को दिया जाता है। वो भी ताउम्र योग्यता के आधार पर। इस अवसर पर शर्मा ने बताया कि कला क्षेत्र में अपने ज्ञान का इजाफा करता चला गया, योगदान का तो अंदाजा ही नहीं रहा। आज भी सिद्धहस्त कलाकार नहीं, एक प्रशिक्षु कलाकार की तरह जीता हूं। नई सोच और नए कंसेप्ट को प्रस्तुत करना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

news & photo By : रवि मल्‍होत्रा

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doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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