पेट्रोल दामों में वृद्धि का चौतरफा विरोध

BY — May 23, 2012

उदयपुर। पेट्रोल के दामों में एक साथ 7.50 रुपए वृद्धि करने पर आमजनों में हताशा छा गई है। एक ओर जहां वामपंथी दलों ने इसे आम आदमी के जीने का हक छीनना बताया है वहीं भाजपा ने इसे मनमर्जी बताते हुए देश को दिवालियेपन की ओर अग्रसर बताया है।

भाजपा विधायक गुलाबचंद कटारिया ने एक बयान में कहा कि तीन वर्ष पूरे करने पर केन्द्रय सरकार ने आम जनता को यह नायाब तोहफा दिया है। एक ओर रुपए का अवमूल्यन होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख गिरी है वहीं दूसरी ओर सरकार ने आमजनों पर यह भारी पत्थर रख दिया है। देश की जनता को संभलना होगा और विरोधी प्रदर्शनों में आम जनता को साथ मिलकर विरोध करना होगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव बी. एल. सिंघवी ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार पेट्रोल के दामों में इतनी भारी बढ़ोतरी की गई है, जबकि आम जनता पहले से ही दो जून की रोटी को तरस रही है। पेट्रोल के दामों में इतनी बढ़ोतरी करना आम जनता के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। पेट्रोल के दामों में भारी बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जबकि कच्चे तेल के दामों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कम हुए हैं। सिंघवी ने पार्टी समर्थकों, सदस्यों एवं आम जनता से पेट्रोल के बढ़ाये दामों के खिलाफ सडक़ों पर उतरने की अपील की।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

One Response

  1. En netao ko jooten maro , aur koi rasta nahin bacha hai . En se koi ummeed bhi nahin bachi hai.

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