ऐतिहासिक तपाराधना एवं पारणा महोत्सव

BY — September 29, 2012

तप करने से होता है सभी पापों का नाश: आचार्य सुकुमालनंदी

udaipur. जिस प्रकार मिट्टी तपस्या करके कुंभ पर्याय को प्राप्त कर लेती है, उसी प्रकार इंसान तपस्या करके भगवान रूप पर्याय को प्राप्त कर लेता है। तपस्या करने से आत्मा की विशुद्धि बढ़ती है, अपने भाव निर्मल होते हैं।

जो व्यक्ति तप करता है वह तो पापों का नाश करता ही है साथ में जो तप करवाता है, अनुमोदना करता है वह भी पापों का नाश करता है।  ये विचार आचार्य सुकुमालनंदी ने शुक्रवार को आयोजित तप आराधना एवं पारणा महोत्सव के उपलक्ष में सेक्टर 13 स्थित शाही कॉम्पलेक्स आयोजित भव्य समारोह में व्यक्त किये। उन्होंाने कहा कि 14 से लेकर 64 साल तक जिसमें अधिकतर युवा वर्ग के हैं कुल 136 लोगों ने 10 उपवास का पारणा किया। पारणे से पहले सभी ने आजीवन सप्त व्यसन का त्याग किया। सद्वृत्त रूप नियम को ग्रहण किया जो कि सभी आशीर्वाद के पात्र हैं।
पारणा महोत्सव 2 को भी
शेष 29 तपस्वी जिनमें 16 व 32 उपवास वाले हैं उनका पारणा 2 अक्टूबर को विशाला शोभा यात्रा पूर्वक आयोजित किया जाएगा।
ऐसे निकली शोभायात्रा
चातुर्मास समिति के प्रचार मंत्री पारस चित्तौड़ा ने बताया कि प्रातकाल 7 बजे सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन से भव्य शोभा यात्रा की शुरूआत हुई जिसमें 2 हाथी, 40 बग्घियां, 5 घोड़े, 4 बैण्ड शामिल थे जो आदिनाथ भवन से निकलकर अग्रवाल धर्मशाला, पारस चौराहा, माछला मगरा, पुराना इण्डियन ऑयल के पास से विभिन्न मार्गों से होती हुई शाही कॉपलेक्स पहुंची। रास्ते में यात्रा का हर जगह पर स्वागत हुआ और शोभा यात्रा में शामिल सभी को जल पान करवाया।
हजारों लोग शामिल हुए पारणा महोत्सव में
जब 165 तपस्वियों की शोभायात्रा निकाली जा रही थी तब चतुर्थकालीन दृश्य उपस्थित हो गया था। हजारों की संख्या में नर-नारी जब सडक़ों पर चल रहे थे, तब सडक़ तो दिख ही नहीं रही थी। जय-जयकारों की गूंज से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इस पारणा महोत्सव में सम्पूर्ण भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों के क्षेत्रों से अतिथियों ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा के शाही कॉम्पलेक्स में बनाये गये डोम पाण्डाल में पहुंचने पर ब्र. अम्बालाल अहमदाबाद, अशोक कुमार ने दीक्षा का श्रीफल आचार्यश्री को अर्पित किया।
सभी 10 उपवास करने वालों का पारणा शाही कॉम्पलेक्स में हजारों नर- नारियों की उपस्थिति में आचार्यश्री के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। से. 11 के 136 तपस्वियों के अलावा कुछ अन्य तपस्वी जो बाहर से आये थे उनका भी सम्मान व पारणा समाज की की तरफ से किया गया। समारोह में सभापति रजनी डांगी व वार्ड पार्षद चन्द्रकला बोलिया ने भी तपस्वियों को पारणा करें की अनुमोदना की।
पारणा कार्यक्रम के संयोजक प्रमोद चौधरी ने बताया कि 30 सितम्बर को रथयात्रा व सामूहिक क्षमावाणी शाही कॉम्पलेक्स डोम पाण्डाल में आचार्यश्री के सानिध्य में प्रवचनों के साथ मनाई जाएगी। इस कार्यक्रम को लेकर सम्पूर्ण जैन जगत में उत्साह का माहौल है और सभी इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाली शोभा यात्रा में भाग लेंगे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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