अब पुस्‍तकें पढ़ें ही नहीं, सुनें भी

BY — October 12, 2012

विज्ञान महाविद्यालय में ई-पुस्तकों का संचालन शुरू

Udaipur. सुखाडिया विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेज विश्वविद्यालय विज्ञान महाविद्यालय  के पुस्तकालय में रु 6.30 लाख की बहुमूल्य ई-पुस्तकें खरीदी गई हैं जो विज्ञान समूह के सभी विषयों से सम्बन्धित है इन पुस्तकों को वेबसाईट http://site.ebrary.com/lib/mlsu पर विश्वविद्यालय परिसर में कहीं भी पढा़-सुना जा सकता है।

उपलब्ध सम्पूर्ण ई-पुस्तकों को डाउनलोड, प्रिन्टआउट व पेन ड्राईव में स्टोर भी किया जा सकता है। इन पुस्तको की मुख्य विशेषता है कि पाठक स्वयं की ई-लाईब्रेरी भी बनाकर चाहे गये कन्टेन्ट को सुविधानुसार हाईलाईट व संग्रहीत कर सकता है तथा इन सभी पुस्तकों को ऑडियो फॉर्मेट मे परिवर्तित कर मन चाही आवाज मे सुन सकता है। ई-पुस्तकों के सफल संचालन एवं अधिकतम उपयोग हेतु नवम्बर में पुस्तकालय सप्ताह के दौरान दिल्ली के विशेषज्ञो द्धारा महाविद्यालय मे सभी को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
डीन प्रो. महीप भटनागर ने कहा कि यह कॉलेज के लिये हर्ष की बात है क्योंकि कम्प्यूटर युग में ई-पुस्तकें बहुत ही महत्वपूर्ण है। मल्टीयूजर व फुल टेक्‍स्‍ट डॉउनलोडिंग की सुविधा होने के कारण सभी आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. पी. एस. राजपूत ने कहा कि पुस्तकालय द्वारा सही सूचना, सही व्यक्ति को सही समय पर पहुंचाना प्रमुख ध्येय है जिसमें पाठक की अधिकतम मांग की पूर्ति के सिद्धान्त को ध्यान में रखा जाता है। इसी सन्दर्भ में हमारा यह प्रथम प्रयास है आने वाले समय में ई रिसोर्सेज के बढ़ते महत्व को ध्यान में रखा जायेगा।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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