महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन सम्मान के लिए मांगे आवेदन

BY — November 1, 2012

3 मार्च 2013 को होगा 32 वां सम्मान समारोह
5 नवंबर से 15 दिसंबर तक आवेदन आमंत्रित

udaipur. विश्व, देश, राज्य व अंचल स्तर पर समाज सेवा, विज्ञान, कला सहित विभिन्न क्षेत्रों मं० उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने के संबंध में महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउंडेशन उदयपुर ने विभूतियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

आगामी 3 मार्च 2013, रविवार को होने वाले 32वें महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन वार्षिक अलंकरण सम्मान समारोह में फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ विभूतियों को सम्मानित करेंगे। सम्मान के तहत प्रविष्टियां 5 नवंबर से 15 दिसंबर 2012 तक आमंत्रित की गई है। फाउण्डेशन इससे पूर्व अपने 31वें सम्मान समारोह तक 3832 विभूतियों का सम्मान कर चुका है।
महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर द्वारा आयोजित 32वें महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन वार्षिक अलंकरण सम्मान समारोह के संयोजक डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि पुरस्कारों के लिए 2011-2012 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाएं आवेदन कर सकती हैं। आवेदन पत्र फाउंडेशन की वेबसाइट www.eternalmewar.in/collaboration/awards/download.aspx से डाउनलोड किए जा सकते हैं। इसके अलावा आवेदन पत्र नि:शुल्क सिटी पैलेस उदयपुर के बड़ी पोल स्थित काउंटर से प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्राप्त किए जा सकते हैं।
डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि फाउण्डेशन द्वारा दिए जा रहे सम्मानों की फेहरिस्त में कर्नल जेम्स टॉड सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर का होता है और मेवाड़ तथा राजस्थान में मानवता की सार्वभौम सेवा को समर्पित विश्व बंधुत्व की आस्था से संपन्न विदेशी मनीषा को दिया जाता है। चयन में प्राथमिकता मेवाड़ हेतु स्थाई मूल्य की सेवा वरीयता का आधार रहती है। हल्दीघाटी सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राष्ट्रीय स्तर का होता है और यह सम्मान पत्रकारिता के माध्यम से समाज की स्थाई मूल्य की सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। हकीम खां सूर सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राष्ट्रीय स्तर का होता है और यह सम्मान कौमी एकता, राष्ट्रीय अखण्डता, देशप्रेम एवं साम्प्रदायिक सद्भाव की स्थायी सेवा हेतु प्रदान किया जाता है। मेवाड़ हेतु इस प्रकार की सेवा की स्थायी उपादेयता को प्राथमिकता एवं वरीयता दी जाती है। महाराणा उदयसिंह सम्मान: यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राष्ट्रीय स्तर का होता है और मानव कल्याण के लिए पर्यावरणीय समृद्धि एवं शाश्वत निर्माण में समर्पित कर्मनिष्ठा को दिया जाता है। स्थाई एवं शाश्वत मूल्य की पर्यावरणीय उपलब्धि मूलत: इसके चयन का आधार होगी। पन्नाधाय सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राष्ट्रीय स्तर का होता है और यह सम्मान अपने निर्धारित कत्र्तव्यों के दायरे से ऊपर उठकर प्राण जोखिम में डालकर औरों के प्राणों की रक्षा करने वाले व्यक्तित्व को प्रदान किया जाता है। महर्षि हारीत राशि सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान समाज में आध्यात्मिक जागरण और समाज को धर्म निष्ठा की दृष्टि से संपन्न करने हेतु सेवा कार्य संपन्न करने वाली प्रतिभा को प्रदान किया जाता है। महाराणा मेवाड़ सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान समाज में शैक्षिक चारित्रिक, नैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए स्थायी मूल्य की सेवाओं के लिए दिया जाता है। महाराणा कुंभा सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान साहित्यिक और ऐतिहासिक दृष्टि से समाज में जागृति लाने वाले व्यक्ति की स्थायी मूल्य की सेवा को दिया जाता है। महाराणा सज्जन सिंह सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान चित्रकारी, स्थापत्य कला एवं अन्य ललित कलाओं की स्थायी मूल्य की सेवा हेतु प्रदान किया जाता है। डागर घराना सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान राजस्थान में शास्त्रीय संगीत, भारतीय, शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाली प्रतिभा को यह सम्मान प्रदान किया जाता है। राणा पूंजा सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान मेवाड़ के आदिवासी समाज के उत्थान के लिए कार्य करने वाले को दिया जाता है। अरावली सम्मान : यह वार्षिक अलंकरण सम्मान राज्य स्तर का होता है और यह सम्मान खेलकूद के क्षेत्र में अर्जित विशिष्ट उपलब्धियों के लिए राज्य के खिलाडिय़ों को प्रदान किया जाता है। इसके अलावा अन्य वार्षिक अलंकरण सम्मान में भामाशाह सम्मान, महाराणा राज सिंह सम्मान तथा महाराणा फतह सिंह सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

One Response

  1. sansar ki aisi mahan vibhutiyan jinke bhaiya ko, bahin ko , pita ko evam swayam ko poori geeta kanthasthhai…….kyasammman ki patr hain?….mo7737024331 par aapke javab ka intjar karunga.

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