शेर के पिंजरों में बंद करो बलात्कारियों को

BY — January 31, 2013

rapeUdaipur. विनोबा संदेश सेवा संस्थान के संस्थापक मनोहरलाल सरूपरिया ने बलात्कारियों को शेर के पिंजरे में बंद कर उन्हें सप्ताह में तीन दिन भूखा रखने की मांग की है। जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट आने के बाद सरूपरिया ने कहा कि दुष्कर्म एक जघन्य अपराध है यदि उन्हें फांसी की सजा नहीं दी जाती है तो कम से कम उनमें भय व्याप्त करने की दृष्टि से शेर के पिंजरे में बंद कर यातनाएं दी जाए।

सरूपरिया ने केन्द्र सरकार को भेजे ज्ञापन में में कहा कि प्रतीकात्मक तौर पर संस्थान ने एक ऐसा पिंजरा बनवाया है, जिसमें दो हिस्से है। एक हिस्से में शेर अथवा जंगली जानवर को रखा जाए तथा दूसरे हिस्से में बलात्कारियों को तीन दिन भूखा रखा जाए ताकि जंगली जानवरों का सामना करते हुए उन्हें अहसास हो सके कि बलात्कार को पीडि़ता ने कैसी यातना झेली है।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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