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शिव भक्त तैयार, पूजे जाएंगे भोलेनाथ

BY — March 9, 2013

भगवान एकलिंगनाथ के होंगे 52 रूद्राभिषेक

090304Udaipur. महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में विभिन्न शिवालयों को आकर्षक रूप से सजाया गया है वहीं रोशनी से लकदक किए गए हैं। शिव मंदिरों में रविवार को विविध अनुष्ठान होंगे। प्रत्येक शिव मंदिर में रूद्री पाठ होंगे तो भक्ति भी दर्शन लाभ करेंगे।

महाकाल मंदिर में तैयारियां जोरों पर रहीं। धूप से बचाव को लेकर श्रद्धालुओं के लिए कनातें तान दी गईं। कैलाशपुरी स्थित श्री एकलिंगजी मंदिर में शिवरात्रि पर त्रिकाल पूजा सामान्य दिनों की तरह ही होगी। शहर भर के शिव मंदिरों में जहां रुद्राभिषेक सहित विभिन्नल अनुष्ठासनों की धूम रहेगी वहीं शैव भक्तों  में भी उत्साह रहेगा। आसपास के झामेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव, हजारेश्वर महादेव, नांदेश्वर महादेव, अमरखजी, उबेश्वूर महादेव सहित विभिन्न  शिवालयों को आम्रपालों व केले के पत्तोंद से सजाया गया है। एकलिंगजी में रविवार रात 10 बजे से आरंभ होने वाली पूजा चार प्रहर तक निरंतर रहेगी। सोमवार सुबह 11.30 से 12.00 बजे के बीच पूर्ण होगी। चारों प्रहर की पूजा में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। विशेष पंचामृत धारण होगा। एकलिंगजी के लिए देर शाम से श्रद्धालुओं के जत्थे पैदल रवाना हुए। बोलो रे भाई बम बोले, महादेव, जय भोलेनाथ के नारों से पूरा मार्ग गूंज रहा था। सुबह 4 बजे तक पहुंचकर भक्तो मंगला के दर्शन करेंगे।
52 रूद्राभिषेक : महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में प्रत्येक प्रहर में 13 रूद्रीपाठ होंगे। प्रत्येक प्रहर में सवा नौ किलो, प्रत्येक दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर से पंचामृत श्री एकलिंगनाथ को धारण कराया जाएगा। कुल सवा 46 किलो की मात्रा में पंचामृत की सामग्री एक प्रहर में चढ़ाई जाएगी एवं 52 रूद्राभिषेक होंगे। महाशिवरात्रि पर पैलेस बैण्ड सेवा में चारों प्रहर बजेगा। महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में दर्शन रविवार रात 10 बजे से दूसरे दिन सोमवार अपरान्ह तक निरंतर खुले रहेंगे, क्योंकि महाशिवरात्रि की पूजा निरंतर चलती रहती है। दर्शनार्थी सोमवार सुबह 11.30 बजे तक महाशिवरात्रि के दर्शन लाभ ले सकेंगे, इसके बाद नियमित त्रिकाल पूजा आरंभ होगी जिसके चलते सामान्य दर्शन पुन: सोमवार रात्रि 8 बजे तक लगातार खुले रहेंगे।
दर्शन का समय : 10 मार्च को महाशिवरात्रि पर सुबह 4.30 से 7.00 बजे तक, मध्यान्ह 10.30 से 1.30 बजे तक, सायंकाल 5.00 से 7.30 बजे तक, महाशिवरात्रि पूजन (चार प्रहर) : रात्रि 10 से प्रथम प्रहर की सेवा प्रारंभ होगी। महाशिवरात्रि की पूजा एवं दर्शन रविवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 11.30 बजे तक श्री एकलिंगजी मंदिर के पाट निरंतर खुले रहेंगे।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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