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राजस्थान दिवस पर हुए विविध आयोजन

BY — March 30, 2013

बच्चों के लिए स्पर्धाएं, किसान कांग्रेस की विचार गोष्ठी

300309Udaipur. राजस्थान दिवस पर शनिवार को विविध आयोजन हुए। फतह मेमोरियल स्थित पर्यटक स्वागत केन्द्र में बच्चों के लिए चित्रकला स्पर्धाएं हुईं वहीं सूचना केन्द्र  में सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का समापन भी हुआ। इस अवसर पर किसान कांग्रेस की ओर से विचार गोष्ठी भी हुई।

300310पर्यटक स्वांगत केन्द्र  पर सुबह स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए कला संस्कृंति व सांस्कृतिक धरोहर विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता हुई। बच्चों ने मोहक चित्र बनाए। प्रतियोगिता पर्यटन विभाग की ओर से हुई थी। दो आयु वर्गों में हुई प्रतियोगिता में पहले वर्ग में 10 से 18 व दूसरे वर्ग में 18 से अधिक कॉलेज के विद्यार्थी शामिल हुए। शाम को पर्यटक स्‍वागत केन्‍द्र में ईसर गणगौर को दर्शाते हुए प्रदर्शनी लगाई गई। कुंभलगढ़ उत्‍सव के दौरान सुविवि, पर्यटन विभाग के साझे में आयोजित राष्‍ट्रीय कला शिविर में तैयार कलाकृतियों को दर्शाया गया। इसमें रागमाला चित्र भी प्रदर्शित किए गए। शाम को भारतीय लोककला मंडल में राजस्‍थानी लोककलाकारों ने रंगारंग सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियां दीं।
300311विचार गोष्ठी में अध्यक्ष किसान कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश सुथार ने की। राजस्थान दिवस को विकास दिवस के रूप में मनाया गया और राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा 4 वर्षों में विकास की जो गंगा राजस्थान में बहाई उसको जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। देहात किसान प्रवक्ता टीटू सुथार ने बताया कि इस अवसर पर सचिव सत्यनारायण मेनारिया, कोषाध्यक्ष चौथमल टांक, भुवनेश व्यास, नरेन्द्र सुथार, हीरालाल डांगी, रमेश पालीवाल, हिम्मतसिंह, नारायणसिंह राजपूत, भगवान गमेती, मदन गमेती आदि उपस्थित थे।
कुप्रथाओं को समाप्तं करने का करें संकल्प  : मेहता
झील संरक्षण समिति के सह सचिव अनिल मेहता ने कहा कि राजस्थान दिवस पर प्रदेश के नागरिक व प्रशासन यह संकल्प करें कि राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में चली आ रही कुप्रथाओं को खत्म करेंगे जिनमें दक्षिणी राजस्थान में मौताणा प्रमुख है। वे डॉ. मोहनसिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित राजस्थान दिवस की तिरसठवीं वर्षगाठ पर आयोजित संवाद को संबोधित कर रहे थे।
तीस जिले वर्तमान में फ्लोराईड से ग्रसित है, उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्धस सुनिश्चित करना अगले वर्ष का लक्ष्य होना चाहियें। मेहता ने महिला साक्षरता दर में वृद्धि एवं महिला अत्याचार में शुन्य लाने की दिशा में गम्भीर प्रयासों की जरूरत बतलाई। सामाजिक कार्यकर्ता प्रोढ शिक्षाविद् सुशील दशोरा, चान्दपोल नागरिक समिति के अध्यक्ष तेजशंकर पालीवाल, ट्रस्ट सचिव नन्दकिशोर शर्मा ने कहा कि राजस्थान के हेरिटेज संरक्षण के साथ ही प्रदेश में सामाजिक सौहार्द को बनाये रखना प्रदेशवासियों का निजी दायित्व होना चाहिये। राजस्थान देश का सर्वाधिक खुशहाल और विकसित प्रदेश बने इस दिशा में सरकार तथा नागरिकों को प्रयास करने चाहिये। संवाद संचालन नितेश सिंह कच्छावा ने किया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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