श्याम अमृत रस बरसा फतहनगर में

BY — April 16, 2013

रात भर बही भक्ति सरिता

सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लगाया गोता

160401Udaipur. श्री सांवरा भक्त  मण्डल फतहनगर एवं श्री श्याम मित्र मण्डल ट्रस्ट उदयपुर के सहयोग से सोमवार रात फतहनगर में भजन सरिता का आयोजन हुआ जिसमें देश के दूर दराज के इलाकों से आए सैकड़ों भक्तोंर ने भाग लेकर पुण्य लाभ लिया।

भजन संध्या का आगाज स्वप्रज्जवलित अखण्ड ज्योत एवं महाआरती से हुआ। मुख्य यजमान रामगोपाल अग्रवाल, कान्तादेवी, विजय अग्रवाल, मीनल, प्रमोद अग्रवाल, अशोक बंसल एवं विष्णु अग्रवाल के कर कमलों से श्याम बाबा के समक्ष छप्पनभोग सजा। नगर के विभिन्न मार्गों से श्याम बाबा की जोत ढोल धमाकों के साथ दरबार पहुंची। सवेरे 100 से अधिक वाहनों की रैली श्याम रथ के साथ फतहनगर एवं निकटस्थ स्थानों पर ढोल-नगाडों संग निकली। पूरा नगर एवं आसपास के कस्बे श्याम रंग में रंग खाटुनगर का अहसास करा रहे थे। सांवलियाधाम के पुजारी केसुदास के सान्निध्य में शब्दों एवं सुरों के सरताज अभिनेता गायक पप्पु शर्मा ने खाटू नगर में श्याम दरबार से कार्यक्रम का आगाज किया। निजामभाई जयपुर ने कव्वाली अंदाज में भजनों की वर्षा कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। भजन सरिता में बालक ही नहीं युवा, वृद्ध भी खूब नाचे। भजन संध्या में दिल्ली की निशा दत्त ने भी मोहक प्रस्तुतियां दी। दिल्ली के नृत्य कलाकार प्रदीप प्रियंका एण्ड पार्टी ने भी भजनों के साथ नृत्य की प्रस्तुतियां दी। मंच संचालन दिल्ली के महावीर अग्रवाल ने किया।
नारायण अग्रवाल के अनुसार आकर्षण का केन्द्र महाआरती रही। मनोज महाराज द्वारा 1111 दीपों से सज्जित महाआरती का भक्तोंए ने लाभ लिया। अनवरत अखण्ड ज्योत चली जिसमें भक्तोंस ने भी आहुतियां दी। ट्रस्टियों सुनील बंसल, राजेश गोयल की देखरेख में आगंतुकों के ललाट पर चंदन,कंकु एवं अक्षत का टीका लगाया गया। श्याम सुन्दर गोयल द्वारा श्याम दरबार में भकतों से भी अनवरत छप्पनभोग समेत अन्य सामग्री की आहुतियां पदराई गई।
मूर्तियां आई दिल्ली से : श्री श्याम दरबार में इस बार नितिन कसेरा के साथ दिल्ली श्याम दरबार से पधारे बाबा के शीश को भव्य रूप से यहां श्याम उपवन में बिराजमान किया गया। रजत-स्वर्णाभूषणों, हीरे-मोती, माणिक्य , नवरत्नों एवं देश विदेश से आए ताजा पुष्पों से श्रृंगारित किया गया।
महाप्रसाद वितरण: श्याम बाबा की रीत के अनुसार श्याम बाबा के भोग हेतु उनके प्रिय भोजन चूरमा, मक्खोन, खीर, पंचामृत, पान सुपारी सभी प्रकार के सूखे मेवे व फलों के साथ छप्पन प्रकार के मिष्ठान एवं व्यंजनों का प्रसाद अर्पित किया गया। प्रसाद वितरण समिति की देखरेख में सभी भक्ताजनों को दर्शन के समय प्रसाद रूपी प्रभावना वितरित की गई। भजन संध्या के दौरान ही सभी भक्तोंं के लिए भण्डारे की व्यवस्था भी की गई। भजन संध्या का लाभ लेने के लिए राजस्थान ही नहीं अपितु देश के दूर दराज के इलाकों से भी बड़ी तादाद में भक्तध आए।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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