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हिन्दुस्तान ज़िंक बिजनेस एक्सीलेन्स अवार्ड से सम्मानित

BY — May 29, 2013

डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट ने किया सम्मानित

290506Udaipur. वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को अलौह धातु क्षेत्र में बिजनेस एक्सीलेन्स के लिए प्रतिष्ठित ‘डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट कार्पोरेट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मुंबई स्थित होटल ट्राइडेंट में महाराष्ट्र सरकार के मुख्य  सचिव जयंत बांठिया ने हिन्दुस्तान जिंक के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट पवन कौशिक को बुधवार को हुए एक भव्यि समारोह में प्रदान किया।

उल्लेएखनीय है कि डन एण्ड ब्रैडस्ट्रीट दुनिया की जानी-मानी उद्योगों की सूचना एवं जानकारी उपलब्ध कराने वाली संस्था है। संस्था ने अपना 13वां पब्लिकेशन ‘भारत की शीर्ष 500 कंपनियॉं’ के प्रकाशन का लोकार्पण किया। कंपनियों के चयन के लिए उनकी कुल आय, शुद्ध लाभ आदि को मापदंड रख गया। हांलाकि प्राथमिक चरण के चयन के लिए कंपनी के बाजारी पूंजीकरण को मापदंड माना गया था परन्तु सम्पादकीय टीम ने विभिन्न उदे्दश्यों एवं मापदण्डों के आधार पर शीर्ष 500 कंपनियों का चयन किया गया। इस पब्लिकेशन में बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध निजी एवं सार्वजनिक कंपनियों को सम्मलित किया गया है।
हिन्दुस्तान जिंक को अलौह धातु के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कंपनी चयनित किया गया। हिन्दुस्तान ज़िंक विश्व का सबसे बड़ा एकीकृत जस्ता-सीसा उत्पादक है। हिन्दुस्तान जिंक की भीलवाड़ा जिले में स्थित रामपुरा-आगुचा खदान विश्व की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक खदान है और चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित चन्देरिया स्मेल्टर कॉम्पलेक्स विश्व का सबसे बड़ा जस्ता-सीसा स्मेल्टर है। कंपनी की खदानें तथा स्मेल्टर्स राजस्थान में स्थित है। हिन्दुस्तान जिंक अपने खनित धातु उत्पादन क्षमता में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की ओर अग्रसर है जिससे कंपनी की उत्पादन क्षमता 12 लाख टन हो जाएगी। वर्तमान में कुल संसाधन एवं आरक्षित अयस्क भण्डार 348.3 मिलियन टन है, जिसमें 35.1 मिलियन टन जस्ता-सीसा धातु एवं 910 मिलियन आऊंस चाँदी विद्यमान है, खदानों की आयु 25 वर्ष है तथा खदानों में लगातार उत्पादन जारी है।
हिन्दुस्तान जिंक विश्वट का सबसे बड़ा एकीकृत जस्ता उत्पादक है और भारत में चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक के साथ दुनिया में अलौह धातु क्षेत्र उत्पादन में भारत का नेतृत्व भी करता है। हिन्दुस्तान ज़िंक भारत की जिंक आपूर्ति पर 85 प्रतिषत नियत्रंण रखता है। विनिवेष के पश्चात् हिन्दुस्तान जिंक का उत्पादन 170,000 टन से बढ़कर आज 10 लाख टन हो गया है। कंपनी के पास अभी 25 साल तक के सुरक्षित खनिज भण्डार है। कंपनी विनिवेष के उपरान्त खदानों, स्मेल्टर्स, केप्टिव पावर, चांदी और पवन ऊर्जा क्षेत्र में 12,000 करोड़ रु. का निवेश कर तीन बड़ी परियोजनाओं का सफलतापूर्वक विस्तार किया है। हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का निर्वहन कर रही है। हिन्दुस्तान जिंक राजस्थान सरकार के साथ मिलकर राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुपोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है। कृषि विकास एवं ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी हिन्दुस्तान जिंक ने सराहनीय कार्य किया है।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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