Header Banner

दबे पांव आया, सिर्फ कर गया फुहार!

BY — June 14, 2013

मानसून प्रवेश पर हुई रिमझिम

शुक्रवार देर शाम सज्‍जनगढ़ से बादलों की स्थिति कुछ यूं थी।
शुक्रवार देर शाम सज्‍जनगढ़ से बादलों की स्थिति कुछ यूं थी।

Udaipur. सुबह जब अधखुली नींद में लेकसिटी वासी थे तो मानों दबे पांव मानसून शहर में प्रवेश कर गया। इस बात को मौसम विज्ञानियों ने भी माना कि आवश्यक नहीं कि मानसून प्रवेश के समय जोरदार बारिश हो ही।

उधर इसके विपरीत शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत पाने के लिए अब भी तेज बारिश का इंतजार है। हालांकि मौसम बनता है लेकिन फिर धूप के कारण उमस और गर्मी होने से मानसून प्रवेश पर कोई विश्वा स ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे कैसे आ गया मानसून? मानसून आने का मतलब तो जोरदार झमाझम होनी चाहिए। दोपहर बाद करीब पांच बजे एक बारगी घने बादल छा गए तो लगा कि जोरदार बारिश होगी लेकिन फिर ठंडी हवाएं चलने लगी और बारिश नहीं हुई।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जब लोग आधी नींद में थे तब रिमझिम बारिश शुरू हुई जो करीब आधे घंटे तक जारी रही। फिर वापस धूप खिल गई। हालांकि मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून के चार माह हैं।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

Leave a Reply