‘दो दिल बंधे एक डोरी से’ के कलाकार उदयपुर में

BY — September 10, 2014

100903उदयपुर। ‘विवाह में एडजस्टमेन्ट यानी सामंजस्य‘ हम सभी का जाना-पहचाना विषय है। हम अक्सर विवाहित जोड़ों को अपने-अपने जीवनसाथी के साथ रिश्ते खुशहाल बनाए रखने की कोशिश में जुटे देखते हैं।

किसी रिश्ते में एडजस्टमेंट, दरअसल एक व्यक्ति और उसके आसपास के माहौल के बीच समझौता होता है। जब दो लोग अलग-अलग परिवेश में पले-पढ़े हों, जिनके नैतिक मूल्य और नियम अलग हों, तब दोनों को ही थोड़ी मुश्किल तो होती है। चाहे वह प्रेम विवाह हो या विधि-विधान से किया गया विवाह हो, किसी भी शादी में एडजस्टमेंट की घड़ी उस रिश्ते की असली परीक्षा का समय होता है।
1 सितंबर से ज़ी अनमोल पर शुरू हुआ प्राइम टाइम ड्रामा ‘दो दिल बंधे एक डोरी से‘ इसी विचार को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। यह शो एक औरत के दिल में गहरा उतरता है जिसकी शादी एक ऐसे पुरुष से होती है जो उससे हर मामले में अलग है। यह कहानी जोधपुर में शुरू होती है, जहां शिवानी और रघु के बीच क्रमशः मालकिन और नौकर का रिश्ता है। दोनों ही समाज की अलग-अलग पृष्ठभूमि से हैं। शिवानी एक सर्वसंपन्न लड़की है, जो अपने दादाजी बलवंत चौहान के साथ बेशुमार अमीरी में रही है। उसके दादाजी शिवानी का जरूरत से ज्यादा ख्याल रखते हैं। इस घर में रघु उनका सहायक है। फिर परिस्थितियां कुछ ऐसी बन जाती हैं कि विलासिता में पली-बढ़ी शिवानी को गरीबी में जी रहे रघु से शादी करनी पड़ती है। जैसा कि कहा जाता है कि जिंदगी तब आपको नए रंग दिखाती है, जब आप किसी और बात की योजना बना रहे होते हैं। इसी तरह यह कहानी शिवानी के सफर को बयां करती है, साथ ही उस व्यक्ति के साथ उसके समझौते को, जिसे वह अपने दादाजी का दायां हाथ मानती आई है। अब उसे उसी पुरुष को अपने जीवन साथी के रूप में स्वीकार करना होगा । यह उस घर और जीवनशैली में खुद को ढालने के शिवानी के संघर्ष की कहानी है, जो उसके पहले के रहन-सहन से बिलकुल जुदा है।
ज़ी अनमोल की बिजनेस हेड प्रियंका दत्ता ने बताया, ‘‘दो दिल बंधे एक डोरी से की सुंदरता इसकी सादगी में समाई है। दोनों किरदारों की अलग-अलग पृष्ठभूमि और अलग सपने हैं लेकिन भाग्य ने उन दोनों के लिए कुछ और ही योजना बनाई थी। यह कहानी रघु और शिवानी के जीवन पर रोशनी डालती है जो तकदीर के आगे विवश होकर एक दूसरे से जुड़ जाते हैं। यह एक दिलचस्प और शानदार कहानी है जिसमें रघु और शिवानी का अपनी-अपनी तकदीरों को अपनाने का सफर है। इसमें पहले इस रिश्ते के प्रति विरोध रहता है और फिर इसे स्वीकार कर लिया जाता है। हमसे बहुत सारे दर्शकों ने निवेदन किया था कि हम इस शो को दोबारा लाएं, इसलिए ज़ी टीवी पर इसे मिली जबर्दस्त सफलता के बाद अब हम इसे ज़ी अनमोल पर प्रसारित करने को लेकर उत्साहित हैं।‘‘ अरहान बहल इसमें रघु के रोल में हैं जबकि मानसी श्रीवास्तव इसमें फीमेल लीड शिवानी का रोल कर रही हैं। शिवानी के दादाजी बलवंत राणा की भूमिका में वरिष्ठ अभिनेता आलोक नाथ होंगे

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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