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चुनाव हारे लेकिन मंचों के आज भी सिकंदर

BY — October 6, 2014

डॉ. कुमार विश्वास को सुनने उमड़ी जनमेदिनी

061008उदयपुर। राजनीति उन्हेंव रास नहीं आई, भले ही वे चुनाव हार गए लेकिन काव्य मंचों पर आज भी जीत रहे हैं। न तो उनके फैन फॉलोइंग में कहीं कमी आई है और न ही उन्हें सुनने का क्रेज श्रोताओं में कम हुआ है। ऐसा ही कुछ प्रतीत हुआ कल भारतीय लोककला मंडल में जहां आप पार्टी के संस्थापक सदस्यों में एक युवा दिलों की धड़कन डॉ. कुमार विश्वास के कुशल संचालन में काव्यांगन-2014 का आयोजन हुआ। श्रोताओं में हर उम्र, आयु वर्ग के लोग शामिल थे। जहां युवक-युवतियां, महिलाएं- पुरुष हर कोई सिर्फ डॉ. विश्वास को सुनने को बेताब थे।

आयोजन स्थानीय चैनल इन न्यूज, पेसिफिक हॉस्पीटल, राजस्थान विद्यापीठ के साझे में हुआ जिसमें आरंभ से लेकर अंत तक, मंच पर पदार्पण से लेकर समापन तक श्रोता सिर्फ और सिर्फ डॉ. कुमार विश्वास को सुनना चाह रहे थे। हालांकि राजनीति को काव्य  मंच से न सिर्फ दूर रखा बल्कि किसी ने राजनीति से प्रेरित कोई कविता पाठ भी नहीं किया। उनसे इजाजत लेकर जब उनके शिष्य शकरगढ़ के कवि राजकुमार बादल ने राजनीति से प्रेरित कविता पढ़ी जिसमें सभी राजनीतिक दलों की खिंचाई की तो खुद डॉ. विश्वास ने न सिर्फ उनकी सराहना की बल्कि कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे पास ऐसा शिष्य  है जो मुझसे मेरे मुंह पर मेरे बारे में कहने की हिम्मत रखता है।
आज यहां भैरवगढ़ रिसॉर्ट में एक विशेष मुलाकात में डॉ. विश्वास ने कहा कि सन 80 के बाद कविताओं का दौर लगभग समाप्त  प्राय: हो गया था। जब मैं काव्य मंचों पर आया था तो चुटकुले, जुमले, द्विअर्थी संवाद हावी थे। मैंने फिर भी हिम्म त नहीं हारी। 2005 के बाद वापस सुनहरा दौर आया। युवा पीढ़ी जो एनरीके के गाने सुनती थी, उसे अपनी हिंदी भाषा तक खींच लाना मुश्किल लगा लेकिन नामुमकिन नहीं और नतीजा आज आपके सामने है। क्यों यहां के युवा को विदेशों के गाने सुनने पड़े? हमारी रसोई छोटी थी कि हम अपने यहां के लड़कों को अपनी भाषा नहीं सिखा पाए, उसके बारे में बता नहीं पाए। मैंने कोशिश की, संघर्ष किया, हारा नहीं बस मन में था कि जीतना है। यह मेरा सपना था कि 10 हजार लोग एक गीत की पंक्ति आपके साथ गाए और गुनगुनाए। इससे ज्यादा आपको क्या चाहिए।
भविष्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि बहुत ज्या‍दा नियोजन के बारे में नहीं सोचना चाहिए। आपका आज कैसा निकला, वो देखें। बाकी जो चल रहा है, अच्छा है। भविष्य में क्या होगा, उसके बारे में कहना जल्दोबाजी होगी। कोई भी पार्टी ज्वॉइन करने के बारे में उन्होंने सिरे से ही इनकार कर दिया।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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