सफलता पाना बच्चों का खेल ही है : गुप्ता

BY — January 22, 2015

विद्या भवन में केरियर सम्भावनाएं पर मोटिवेशन सेमिनार

220101उदयपुर। उदयपुर के सरकारी विद्यालयों के कई विद्यार्थियों के लिए गुरुवार उमंग, ऊर्जा व उत्साह पूर्ण बनकर आया एवं आत्मविश्वास को जागृत कर गया। उन्हें गर्व हुआ कि वे अपने विद्यालयों में श्रेष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आर्थिक स्थिति सामान्य अथवा सही नहीं होने के बावजूद भी वे उच्च स्तर के उद्योगपति, इंजीनियर, डाक्टर, आईएएस, आईपीएस एवं नेतृत्वकर्ता बन सकते हैं।

मौका था विद्या भवन ऑडिटोरियम में आयोजित दसवीं कक्षा के पश्चा।त केरियर सम्भावनाएं विषय पर आयोजित मोटिवेशन सेमिनार का। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों ने शपथ ली कि बड़े काम करना- बड़ा मुकाम हासिल करना बच्चों का खेल ही हैं, इसलिए वे बड़ा मुकाम हासिल करके रहेंगे। संघर्ष व अभाव को चुनौती मान, उचित सलाह-मार्गदर्शन में  संकल्प व दृढ़निश्चयता के साथ मेहनत की जाये तो दुनिया की कोई ताकत सफलता में रूकावट नहीं डाल सकती।
220102सेमिनार में दसवीं में उच्च अंक लाने व सिद्धांतों की सही समझ (कोनसेप्चुअल क्लेरिटी ) पर भी सलाह दी गई। विद्या भवन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस सेमिनार में मोटिवेशन स्पीकर, सस्थान के विभागाध्यक्ष डा. दीपक गुप्ता, प्रकाश सुन्दरम तथा बिनानी सीमेंट के पूर्व उपाध्यक्ष, प्रसिद्ध कोस्ट एकाउंटेंट वी.के. रांका ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि स्कूलों में सही धारणाओं के साथ-साथ गलत अवधारणाओं का भी विश्लेधषण किया जाना चाहिये। डा. गुप्ता ने कहा कि स्वप्रेरणा एवं आत्मविश्वास सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। इसके लिए लक्ष्य को चुनना, काम को शुरू कर परिणाम तक पहंुचना, निरन्तर सीखने की प्रकृति, रूचि वाले क्षैत्र को चुनना, जीवन में जोखिम लेना जैसे सात गुण अपनाने होंगे। गुप्ता ने कर्नाटक के नरेगा मजदूर 19 वर्षीय नरसिम्हा जिसने देश की सबसे कठिन परीक्षा आईआईटी को पास किया, निक बोइस जिसने बचपन से ही दोनों हाथ व पैर नहीं होने के बावजूद मोटिवेशन गुरू का खिताब पाया तथा गरीब किसान के बेटे के आई.ए.एस. बनने के उदाहरण प्रस्तुत किए। प्राचार्य अनिल मेहता ने कहा कि कम संसाधन व गरीबी सफलता में रूकावट नहीं है। सफलता में रूकावट स्वयं की जड़ता है। उन्होनें विद्याथ्रियों को स्किल डवलपमेन्ट के निःशुल्क प्रशिक्षणों में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया। मेहता ने कहा कि अभिभावक, शिक्षक एवं विद्यार्थी  रोजगार-स्वरोजगार मार्गदर्शन व सलाह के लिये विद्या भवन पॉलीटेक्निक से सम्पर्क कर सकते हैं। संचालन प्रियंका जैन ने किया। सेमिनार में उदयपुर व समीपवर्ती गावों के सरकारी विद्यालयों एवं विद्या भवन संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अभिभावकों ने भाग लिया।

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admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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