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संतों का आना-जाना दोनों मंगल : साध्वी कनकश्रीजी

BY — February 1, 2015

अगले चातुर्मास के लिए विहार 3 को

010207उदयपुर। साधु-संतों का तो आना भी मंगल होता है और जाना भी मंगल। कहते हैं ना कि पानी और संत एक जगह ठहर जाएं तो अच्छे नहीं लगते। साधु संतों को तो जनता का मार्गदर्शन करना है। आज यहां तो कल वहां उन्हें तो निरंतर चलते ही रहना है।
ये विचार साध्वी कनकश्रीजी ठाणा 5 ने रविवार को अणुव्रत चौक स्थित तेरापंथ भवन में तेरापंथ सभा की ओर से आयोजित मंगल भावना समारोह में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि इस नौ माह के प्रवास के दौरान निरंतर जैन श्रावक-श्राविकाओं ने धर्म लाभ लिया। हम आपकी मंगल भावनाओं को अपनी भक्ति और शक्ति के रूप में लेते हैं। संत तो मंजिल का रास्ता बताते हैं। उन्होंने तीन महती बातों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये तीनों सभी के जीवन में जरूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता का जीवन जीएं। अपने प्रति, अपनी सोच के प्रति तथा अपने व्यवहारों के प्रति जागरूक रहें। दूसरी बात कि किसी के प्रति दुर्भावना न रखें। सब अच्छा होगा और तीसरी बात कि स्वयं को सदैव प्रसन्न रखें। हर काम मंगल होगा। चारों ओर दौडऩे के साथ अपनी ओर भी दौड़ें। यानी अपना भी ध्यान रखें। गुरु दृष्टि की आराधना हमेशा मंगल करती है। साध्वी मधुलता ने कहा कि देव गुरु धर्म के प्रति अटूट श्रद्धाशील बनें रहें। हमेशा अच्छा ही अच्छा होगा। साध्वी समितिप्रभा ने गीत प्रस्तुत किया जिस पर पूरा सभागार ओम अर्हम की ध्वनि से गूंज उठा।
010208आचार्य तुलसी जन्म शताब्दी समारोह के दूसरे चरण में गंगाशहर में आयोजित विशाल अभिनव सामायिक का कुशल संयोजकीय दायित्व निर्वहन पर तेरापंथ महासभा कोलकाता की ओर से उदयपुर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत का स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया।
तेरापंथी सभा के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने साध्वीवृंदों का कार्यक्रम बताया कि साध्वी कनकश्रीजी ठाणा 5 आचार्य महाप्रज्ञ के निर्देशानुसार आगामी चातुर्मास के लिए 3 फरवरी को महाप्रज्ञ विहार से सुबह 10 बजे विहार कर अम्बेरी स्थित अमर मार्बल, 4 फरवरी को तुलसी केमिकल मूणवास, 5 फरवरी को देलवाड़ा पहुंचेंगी। इधर तपोमूर्ति मुनि पृथ्वीराज 2 फरवरी को अम्बामाता, 3 को हजारेश्वर कॉलोनी, 4 को अहिंसापुरी, 5 को पंचरत्न कॉम्पलेक्स तथा 6 फरवरी को महाप्रज्ञ विहार पहुंचेंगे।
कार्यक्रम में तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष अभिषेक पोखरना, सभा के मुख्य परामर्शक छगनलाल बोहरा ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का कुशल संचालन उपाध्यक्ष सुबोध दुग्गड़ ने किया। आभार तेयुप मंत्री अजीत छाजेड़ ने जताया। आरंभ में मंगलाचरण चन्द्रा पोखरना एवं मिनी सिंघवी ने किया। कार्यक्रम का आरंभ साध्वी कनकश्रीजी के नमस्कार महामंत्र से हुआ।

admin

doing active journalism from last 16 yrs. worked in leading news papers rajasthan patrika, dainik bhaskar.

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